कश्मीर की आर्थिक नाकेबंदी से इनकार
जम्मू, 11 अगस्त(आईएएनएस)। अमरनाथ श्राइन बोर्ड से ली गई जमीन वापस लौटाए जाने की मांग पर अड़े जम्मू के आंदोलनकारियों ने कश्मीर की आर्थिक नाकेबंदी की योजना से साफ इनकार किया है। कश्मीर को जरूरी उत्पादों की आपूर्ति में पहुंच रहे खलल को भी वे सुनियोजित आर्थिक नाकेबंदी नहीं मानते।
आंदोलनकारियों द्वारा जम्मू-हाईवे पर हिंसक प्रदर्शन के कारण कश्मीर में दवा, खाद्य वस्तुओं और दूसरे जरूरी उत्पादों की आपूर्ति में खलल पड़ा है। इस सड़क से फलों की आपूर्ति भी प्रभावित हुई। ऐसे में यह आशंका बढ़ती जा रही है कि आंदोलनकारियों का मनोबल और बढ़ सकता है और वे कश्मीर में उत्पादों की आपूर्ति लंबे समय के लिए ठप कर सकते हैं। आंदोलन के कारण सड़कों पर फलों से लदे हजारों ट्रक फंस गए।
श्री अमरनाथ संघर्ष समिति, जो जम्मू क्षेत्र में 30 से अधिक आंदोलनकारी हिंदू संगठनों का समूह है, ने कश्मीर की आर्थिक नाकेबंदी से साफ इनकार किया है। संगठन के संयोजक लीला करण शर्मा ने कहा कि हम कश्मीर को जरूरी उत्पादों की आपूर्ति ठप किए जाने के पक्ष में नहीं हैं।
उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, "हमने सुना है कि हमारे आंदोलन की प्रतिक्रिया में कश्मीर के नेता 'मुजफ्फराबाद चलो' का नारा दे रहे हैं। अगर ये नेता ऐसा ही चाहते हैं,तो उन्हें कौन रोकता है? वे अगर यहां से चले जाएंगे, तो राज्य में शांति बहाल होगी। वे राष्ट्रविरोधी तत्व हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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