अमरनाथ विवाद : कश्मीर में तनाव, सीमा पर इकट्ठा हुए फल व्यापारी
सोपोर, 11 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू कश्मीर में श्रीअमरनाथ श्राइन बोर्ड को आवंटित भूमि वापस लिए जाने के बाद उठा विवाद थमता जर नहीं आ रहा है। सोपोर में सोमवार को हजारों की संख्या में फलों के व्यापार से जुड़े लोग कथित 'आर्थिक नाकेबंदी' के खिलाफ भारत-पाकिस्तान सीमा स्थित नियंत्रण रेखा तक मार्च करने के लिए इकट्ठा हुए।
नियंत्रण रेखा के समीप उरी की ओर जा रहे लंबे जुलूस को बारामूला में देखा गया। जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर हिंसक प्रदर्शनों के कारण घाटी में दवाई, खाद्य पदार्थो और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हुई है। हिंसक प्रदर्शनों के कारण राजमार्ग पर फलों से लदे ट्रक रूके पड़े हैं, जिस कारण लाखों रुपयों के फलों के नष्ट होने का खतरा है।
घाटी के फलों के व्यापारियों ने धमकी दी थी कि राजामार्ग पर सुरक्षा मुहैया नहीं होने पर वे पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद की ओर रूख कर देंगे। व्यापारियों ने 'मुजफ्फराबाद चलो' का नारा दिया था, जिसे अलगाववादी हुर्रियत कांफ्रेंस और मुख्य राजनीतिक दल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने समर्थन दिया था।
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि राजमार्ग से जाम को हटा दिया गया है। राज्यपाल एन. एन. वोहरा ने भी कहा कि राजमार्ग की सुरक्षा सेना के हवाले करने के बाद जाम की स्थिति नहीं है।
सोपोर में पुलिस ने जुलूस शामिल लोगों पर लाठी चलाए। बारामूला के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
उधर, श्रीनगर में भी फल व्यापारियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों के बीच झड़पें हुई। घाटी में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने लोगों को एक जगह इकट्ठा होने से मना किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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