अमर्त्य सेन ने की वाम दलों की आलोचना
नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। नोबल पुरस्कार विजेता व प्रख्यात अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने देश में बढ़ते सामाजिक अन्याय, कुपोषण, स्वास्थ्य व शिक्षा की समस्याओं के लिए वाम दलों व उससे जुड़े मजदूर संगठनों की आलोचना की है।
नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। नोबल पुरस्कार विजेता व प्रख्यात अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने देश में बढ़ते सामाजिक अन्याय, कुपोषण, स्वास्थ्य व शिक्षा की समस्याओं के लिए वाम दलों व उससे जुड़े मजदूर संगठनों की आलोचना की है।
संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित प्रोफेसर हीरेन मुखर्जी मेमोरियल पार्लियामेंट्री लेक्च र को संबोधित करते हुए सेन ने कहा, "मूल्य वृद्धि और परमाणु मुद्दे पर अन्य देशों के साथ समझौते से जुड़े मुद्दों पर आज आंदोलन की जरूरत है लेकिन इसे लेकर भारतीय राजनीतिक दलों में संजीदगी नहीं है।"
उन्होंने कहा कि देश में हो रहे अन्यायों पर हमें ध्यान देने की जरूरत है। भुखमरी के कारण बच्चे मर रहे हैं। वे कुपोषण के शिकार हो रहे हैं। उनके स्वास्थ्य के उचित देखभाल की व्यवस्था की कमी है। इसके अलावा शिक्षा व गरीबी के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर काम करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि देश के मजदूर संगठनों को इसमें सकारात्मक भूमिका निभानी पड़ेगी। मजूदर संगठनों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, "ये संगठन सिर्फ निजी हितों को देखते हैं। उनकी गतिविधियों से समाज पर क्या असर पड़ता है उसका वे सम्मान नहीं करते।"
सेन ने कहा कि लोकतंत्र का मतलब सिर्फ वोट से नहीं होना चाहिए, जनता से संबंधित होना चाहिए। इसके लिए मीडिया के माध्यम से जागरूकता फैलाना भी जरूरी है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने हीरेन मुखर्जी के राजनीतिक सिद्धांतों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
इंउो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications