• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

बीजिंग ओलंपिक : पदक बांट रहे हैं भारतीय! (ओलंपिक डायरी)

By Staff
|

बीजिंग, 11 अगस्त (आईएएनएस)। वैसे तो भारत का एक भी खिलाड़ी अब तक पोडियम तक का सफर तय नहीं कर पाया है, लेकिन एक भारतीय ऐसा है जो पदक बांट रहा है।

रविवार को जहां भारत के निशानेबाज मानशेर सिंह और मानवजीत सिंह संधू क्वालिफाइंग दौर से बाहर हो गए, वहीं अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति में भारत के एकमात्र प्रतिनिधि रणधीर सिंह ने निशानेबाजी स्पर्धा के पदक वितरित किए।

1964 से लेकर 1984 तक छह बार निशानेबाजी में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके रणधीर ने कहा, "यह काम करते हुए बहुत अच्छा लगता है। यह और भी अच्छा लगता, अगर मैं भारतीयों को पदक देता। मजे की बात यह है कि 2004 में जब राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने डबल ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक जीता था, तब भी मुझे ही पदक वितरित करने कहा गया था।"

----------------------------

आखिर क्या कर रहे हैं भारतीय अधिकारी

भारतीय खिलाड़ियों के साथ बीजिंग पहुंचे भारतीय अधिकारी वहां क्या कर रहे हैं, यह चर्चा का विषय बना हुआ है।

बड़े होटलों में आराम फरमाते इन अधिकारियों की भूमिका को लेकर बातें की जा रही हैं। कम से कम भारतीय पत्रकारों और भारतीय पर्यटकों के बीच तो इस बात की चर्चा है ही।

ये अधिकारी जिन होटलों में रह रहे हैं, उनके नाम बड़े कठिन हैं। ऐसी स्थिति में ये अधिकारी होटलों का नाम और पता अपने साथ लेकर घूम रहे हैं।

अधिकारियों की भूमिका को लेकर कुछ भी साफ नहीं है। वैसे तो ये भारतीय खिलाड़ियों के साथ उनकी सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए आए हैं, लेकिन समय रहते ये उन बातों का अवलोकन भी कर रहे हैं, जिनकी 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के दौरान जरूरत पड़ सकती है।

मसलन, ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों का कैसे आयोजन किया जाए। इस काम के लिए हालांकि भारतीय ओलंपिक संघ और राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति ने कुछ महीने पहले ही अपना प्रतिनिधिमंडल चीन भेजा था।

..........................

हॉकी जगत में अब भी छाया है भारत

भारत भले ही इस साल ओलंपिक में शिरकत नहीं कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद बीजिंग में उसके नाम की चर्चा खूब हो रही है।

अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) इन दिनों यहां 2010 विश्व कप के लिए कार्यकारिणी के गठन को लेकर बैठक कर रहा है। विश्व कप के इस संस्करण का आयोजन भारत में ही हो रहा है। जाहिर है, इसमें भारत के नाम की चर्चा तो होगी ही।

एफआईएच ने एशियाई चैंपियनशिप ट्राफी के पहले संस्करण की मेजबानी भारत को सौंपी है। इसका आयोजन 2009 में होना है।

इसके अलावा भारत को 2011 या फिर 2012 चैंपियंस ट्राफी की मेजबानी का अधिकार चुनने को कहा गया है। भारतीय हॉकी की देखरेख कर रहे भारतीय ओलंपिक संघ ने 2012 में चैंपियंस ट्राफी की मेजबानी का जिम्मा लिया है।

-----------------------------

84 करोड़ लोगों ने देखा उद्घाटन समारोह

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक संघ (आईओसी) के मुताबिक शुक्रवार को चीन की राजधानी बीजिंग में आयोजित ओलंपिक उद्घाटन समारोह को दुनिया भर में रिकार्ड लोगों ने देखा। ओलंपिक स्टेडियम में शुक्रवार को हालांकि सिर्फ 91 हजार लोग मौजूद थे, लेकिन टेलीविजन प्रसारण के जरिये दुनिया भर में लगभग 84 करोड़ लोगों ने इसे देखा।

आईओसी ने हालांकि कहा है कि इस संबंध में आधिकारिक आंकड़े नहीं मिल सके हैं। अभी तक जो आंकड़े मिले हैं, उनके मुताबिक इस समारोह को दुनिया भर में लगभग 84 करोड़ लोगों ने देखा।

ओलंपिक स्टेडियम में शुक्रवार को हालांकि सिर्फ 91 हजार लोग मौजूद थे, लेकिन टेलीविजन प्रसारण को देखा जाए तो इस समारोह का नाम दुनिया के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले खेल समारोह के रूप में दर्ज हो चुका है।

अब मिले आंकड़े के मुताबिक इस समारोह को दुनिया भर में लगभग 84 करोड़ लोगों ने देखा। ऐसा माना जा रहा है कि हजारों कैमरों के माध्यम से इस समारोह का 5000 घंटे का प्रसारण किया गया, जबकि एथेंस ओलंपिक के दौरान 3500 घंटों का प्रसारण किया गया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

**

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more