अब फैशन बनेंगे हाथियों के पैरों के निशान वाले बैग
त्रिचूर (केरल), 26 जुलाई (आईएएनएस)। एक नए अंदाज में भारतीय हाथी भी अब रैंप पर कैटवाक करते नजर आएंगे। न्यूयार्क की एक फैशन डिजाइनर बारबरा गेरार्ड ने 'टेक्सटाइल कैरी बैग' पर भारतीय हाथियों के पैरों के निशान को नए डिजाइन के रूप में इस्तेमाल किया है।
त्रिचूर (केरल), 26 जुलाई (आईएएनएस)। एक नए अंदाज में भारतीय हाथी भी अब रैंप पर कैटवाक करते नजर आएंगे। न्यूयार्क की एक फैशन डिजाइनर बारबरा गेरार्ड ने 'टेक्सटाइल कैरी बैग' पर भारतीय हाथियों के पैरों के निशान को नए डिजाइन के रूप में इस्तेमाल किया है।
केरल की सांस्कृतिक राजधानी में इन दिनों 'एलिफेंट हाउस' का नया विचार भी गेरार्ड बच्चों के सामने प्रस्तुत कर रही हैं।
वह कहती हैं कि वीडियो, फिल्म, पेंटिंग, फोटोग्राफी, संगीत, नृत्य, कहानियों और बेहतर लेखों के जरिए उन्होंने महसूस किया कि एशियाई हाथियों में 'सिक्स्थ सेंस' भी होते हैं।
गेर्राड ने आईएएनएस से कहा कि उन्होंने 20 बच्चों को रविवार को अपना मेहमान बनने के लिए निमंत्रण भी दिया है। इन बच्चों के लिए हाथियों की इस दुनिया को देखना भी एक अलग ही अनुभव होगा। मेरे पास विश्व स्तर पर हाथियों की तस्वीरें हैं। हाथियों की आवाजों को फिल्मों के जरिए देखना भी बच्चों के लिए खास होगा।
हाथियों की नई वस्तुओं को ध्यान में रखते हुए वे कहती हैं कि हाथियों के पैरों के निशान का इस्तेमाल करके पहले ही उन्होंने कैरी बैग बना लिए हैं।
गेरार्ड कहती हैं कि अगले महीने वे न्यूयार्क जाएंगी तो अपने साथ ये कैरी बैग भी ले जाएंगी।
वे कहती हैं कि हर हाथी के पैरों के निशान अलग होते हैं। एक फैशन मॉडल होने के नाते वे चाहती हैं कि सबसे पहले हाथी को पेंट किया जाए। उसके बाद उसे पेपर में पैर रखने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद हाथियों के पैरों के जो निशान पेपर पर उतरेंगे। उस पेपर को स्क्रिन प्रिंट के जरिए कई बार प्रयोग में लाया जा सकेगा।
गेरार्ड कहती हैं, "उनकी योजना है कि कुछ हाथियों को किराये पर लेकर उन्हें ब्रश से पेंट करना सिखाऊं। इससे इन हाथियों के मालिक और महावत को भी कुछ अतिरिक्त कमाई हो जाएगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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