चीन तेजी से दोहन कर रहा है प्राकृतिक संसाधनों का !
बीजिंग, 10 जून (आईएएनएस)। चीन अपने प्राकृतिक संसाधनों का दोहन इनके निर्माण प्रक्रिया की गति से कहीं दोगुनी तेजी से कर रहा है।
समाचार एजेंसी डीपीए ने 'वर्ल्ड वाइड फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) फार नेचर' और 'चाइना काउंसिल फार इंटरनेशनल को-आपरेशन आन एन्वायर्नमेंट एंड डेवलपमेंट' द्वारा संयुक्त रूप से किए गए एक अध्ययन के हवाले से कहा है कि चीन में पारिस्थितिकीय असंतुलन वर्ष 1960 के बाद से अब तक लगभग दोगुना हो गया है और अगले 20 वर्षो में यह खतरनाक स्तर तक चला जाएगा।
ताजा अध्ययन में पाया गया है कि चीन में लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रति व्यक्ति 1.6 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध है। जबकि पूरी दुनिया का औसत 2.2 हेक्टेयर प्रति व्यक्ति है।
पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि पर्यावरण असंतुलन, भारी भरकम जनसंख्या, और तेजी से विकसित होती हुई अर्थव्यवस्था के कारण आने वाले समय में चीन के समक्ष चुनौतियां और बढ़ने वाली हैं।
अध्ययन समूह ने सलाह दी है कि इस समस्या का हल आसानी से निकाला जा सकता है बशर्ते चीन स्वच्छ तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा दे और वहां के लोग बिजली का कम से कम उपभोग करें।
उल्लेखनीय है कि डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के मुताबिक चीन फिलहाल पूरी दुनिया में मौजूद प्राकृतिक संसाधनों के 15 प्रतिशत का दोहन करता है और पारिस्थितिकीय संतुलन के मामले में 147 देशों की फेहरिस्त में चीन का स्थान 69 वां है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**












Click it and Unblock the Notifications