दार्जिलिंग में बंद से जनजीवन अस्त-व्यस्त
कोलकाता, 10 जून (आईएएनएस)। अलग गोरखालैंड राज्य की मांग कर रहे गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के 24 घंटे के बंद के आह्वान के बाद पश्चिम बंगाल के पहाड़ी जिले दार्जिलिंग में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार यहां मंगलवार को सभी दुकानें, बाजार और कारोबार बंद रहे। पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिरीक्षक (विधि व व्यवस्था) राज कनौजिया ने आईएएनएस से कहा कि अनिश्चितकालीन बंद जारी है लेकिन अप्रिय घटनाओं की कोई सूचना नहीं मिली है।
इस दौरान तीनों उप-मंडलों दार्जिलिंग, कुर्सियोंग और कलिमपोंग में बंद का जबर्दस्त प्रभाव रहा।
उल्लेखनीय है कि जीजेएम ने राज्य की सत्ताधारी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर आरोप लगाया था कि उसके कार्यकर्ताओं ने रविवार को नक्सलबारी की एक शांति रैली पर हमला किया था। जीजेएम ने इसी के विरोध में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है।
बंद के कारण पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सिक्किम से लौट रहे एक हजार से भी अधिक पर्यटक राज्य के उत्तरी भाग में स्थित तीस्ता पुल पर रूके हुए हैं।
दार्जिलिंग में एक पर्यटक सुप्रीयो डे ने कहा कि बंद के कारण वह अपने परिवार के साथ यहां फंसे हुए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जीजेएम के हजारों कार्यकर्ताओं ने बीरपाड़ा पुलिस स्टेशन के सामने विरोध प्रदर्शन किया है।
उल्लेखनीय है कि जीजेएम के अध्यक्ष बिमल गुरुं ग ने अलग राज्य के लिए अभियान चलाया हुआ है। इस संगठन ने दार्जिलिंग जिले को छठी अनुसूची में जगह देने का भी विरोध किया है। गौरतलब है कि छठी अनुसूची के माध्यम से गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट (जीएनएलएफ) के नेतृत्व में दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल (डीजीएचसी) को शासन व्यवस्था के लिए ज्यादा स्वायत्तता प्राप्त है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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