मप्र में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल, जनजीवन प्रभावित
भोपाल, 10 जून (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में बसों के यात्री किराये में वृद्धि और त्रि-स्तरीय कर प्रणाली लागू होने के विरोध में राज्य के सभी बस मालिकों के मंगलवार को हड़ताल पर चले जाने से राज्य की परिवहन सेवा पर असर पड़ा।
प्रदेश अनुबंधित बस ऑनर्स एसोसिएशन, महानगरीय बस ऑनर्स एसोसिएशन, जय मां नर्मदा परिवहन समिति और टैक्सी यूनियन के संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को पूरे प्रदेश के बस मालिक एक दिन की हड़ताल पर चले गए।
ट्रांसपोर्टर इस वर्ष पहली जून से लागू 'मोटर वाहन कर' तत्काल वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने बसों के यात्री किराए में 60 प्रतिशत की वृद्घि करने तथा किराया बोर्ड का गठन किए जाने की मांग की है।
इसके साथ-साथ वे लोग डीजल की मूल्य वृद्घि वापस लिए जाने और प्रदेश सरकार द्वारा वैट एवं विक्रय कर कम करने की मांग कर रहे हैं। सभी बस मालिकों ने स्थानीय निकायों द्वारा जगह-जगह वसूले जानेवाले करों पर रोक लगाने की बात कही है।
राज्य की परिवहन सेवाओं पर ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का खासा असर पड़ा है। प्रदेश अनुबंधित बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम सुन्दर शर्मा ने बताया कि इस हड़ताल के चलते प्रदेश की 35 हजार बसें खड़ी हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी तो हो रही हैं लेकिन हड़ताल करने के अलावा हम लोगों के पास कोई दूसरा रास्ता नहीं थी।
संभागीय बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल फरीद ने कहा कि सरकार किसी भी तरह का सकारात्मक रवैया नहीं अपना रही है। वह तो सिर्फ बस मालिकों के शोषण पर तुली है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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