वित्तीय सुधारों को लेकर गठित राजन आयोग की अंतिम रिपोर्ट सितंबर तक
नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। वित्तीय सुधारों को लेकर गठित उच्चाधिकार प्राप्त रघुराम जी. राजन आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट सितंबर के अंत तक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सौंप देगा।
आयोग की अध्यक्षता कर रहे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पूर्व प्रमुख रघुराम जी. राजन द्वारा दो महीने पूर्व सौंपे मसौदे की सिफारिशों पर आज योजना आयोग के सदस्यों के साथ बातचीत हुई।
अगले पांच वर्षो में देश को 'वित्तीय ऊर्जा गृह' के रूप में स्थापित करने को लेकर मंगाए गए सुझावों को आयोग फिलहाल अंतिम रूप देने में लगा है।
बैठक में हिस्सा ले रहे योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन को लेकर पहल करे ताकि अगले पांच वर्षो में भारत वैश्विक मंच पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।
आयोग की सिफािरशों की तर्कसंगतता को यथेष्ट ठहराते हुए अहलूवालिया ने कहा कि आयोग द्वारा सौंपे गए मसौदे में सुधारों से संबंधित जिन 35 सुझावों की सिफारिश की गई है, उसमें वित्तीय बाजार को विकास के अनुकूल बनाने पर विशेष रूप से जोर दिया गया है।
आयोग के सदस्यों के अनुसार मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान लोगों को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से किसी जादुई प्रयोग की उम्मीद नहीं करनी चाहिए और उसे मुख्य तौर पर महंगाई पर लगाम लगाने पर ध्यान केंद्रित करने की छूट दे देनी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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