आरुषि हत्या कांड : गुत्थी सुलझाने के करीब पहुंची सीबीआई (लीड-3)
नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। नोएडा के बहुचर्चित आरुषि हत्याकांड की गुत्थी जल्द सुलझाने के करीब होने का दावा करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को संकेत दिया कि कंपाउंडर कृष्णा की इस प्रकरण में मुख्य भूमिका हो सकती है।
उधर, इस मामले में आरोपी आरुषि के पिता डॉक्टर राजेश तलवार की जमानत याचिका पर विशेष अदालत में याचिका खारिज होने के बाद इस पर अब सत्र न्यायालय में सुनवाई 26 जून को होगी।
एक सीबीआई अधिकारी ने कहा, "आरुषि के डेंटिस्ट (दांत का डॉक्टर) पिता राजेश तलवार के कंपाउंडर के बयान से हम झूठ पकड़ने वाले तकनीक से दोबारा तलवार का परीक्षण करने के लिए प्रेरित हुए हैं।"
सीबीआई का कहना है कि इस प्रकरण में किसी तीसरे आदमी का हाथ हो सकता है। अटकलें लगाई जा रही है कि सीबीआई का इशारा राजेश के कंपाउंडर कृष्णा की ओर है।
उधर, एक विशेष अदालत ने राजेश तलवार की जमानत याचिका मंगलवार को उनकी याचिका खारिज कर दी।
पेशे से दांत के डॉक्टर तलवार की जमानत याचिका खारिज करने से पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष मजिस्ट्रेट सपना मिश्र ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनी। विशेष मजिस्ट्रेट को हत्या के किसी आरोपी को जमानत देने का अधिकार नहीं है।
तलवार के वकील सतीश तामता ने दलील दी कि चूंकि तलवार के खिलाफ कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है इसलिए उन्हें जमानत दे दिया जाना चाहिए। उधर, सीबीआई के वकील सुनील बत्रा ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि जांच का काम फिलहाल जारी है इसलिए तलवार को जमानत देने से वे स्वतंत्र गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।
विशेष अदालत में जमानत याचिका खारिज होने के तुरंत बाद बचाव पक्ष के वकील ने सत्र न्यायालय में जमानत के लिए दूसरी याचिका दायर कर दी जिस पर सुनवाई की तारीख आगामी 26 जून को मुकर्रर की गई है।
उल्लेखनीय है कि गत 16 मई को राजेश तलवार की 14 वर्षीय बेटी आरुषि अपने कमरे में मृत पाई गई थी। उसके गले और शरीर के अन्य हिस्से में किसी तेज हथियार से वार के कई निशान पाए गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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