गुर्जरों व सरकार के बीच वार्ता पटरी से उतरी
जयपुर, 10 जून (आईएएनएस)। पिछले एक पखवाड़े से आंदोलनरत गुर्जर समुदाय के लोगों और राजस्थान सरकार के बीच जारी वार्ता में मंगलवार को गतिरोध उत्पन्न हो गया।
गुर्जर नेताओं ने कहा है कि सरकार के साथ आगे की वार्ता तभी होगी जब महिला कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया जाएगा और 20 प्रदर्शनकारियों पर लगाए गए हत्या के आरोप वापस ले लिए जाएंगे।
बताया जा रहा है कि इस गतिरोध से राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सकते में आ गईं हैं। सोमवार को बयाना में गुर्जरों की प्रतिनिधियों के साथ सकारात्क बातचीत से उत्साहित होकर वे जयपुर में अगले दौर की वार्ताओं की योजना बना रही थीं।
इस मामले पर सरकार की ओर से टिप्पणी के लिए फिलहाल कोई आगे नहीं आया है लेकिन मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों का कहना है कि सरकार की ओर से गुर्जर नेतृत्व को मनाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि वार्ताएं फिर से शुरू हो जाने के बाद आसानी से यह मसला सुलझा लिया जाएगा।
उधर, बयाना में गुर्जर संघर्ष आरक्षण समिति के संयोजक के. एस. बैंसला ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, "हम वार्ताएं तभी जारी रखेंगे जब हमारे उन महिला कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया जाएगा जो दिल्ली-जयपुर रेल मार्ग पर धरने पर बैठी थीं और हमारे समुदाय के 20 सदस्यों पर लगाए गए हत्या के आरोप को भी वापस लेना होगा।"
बैसला ने मंगलवार को आगे की वार्ताओं के लिए शर्तो से संबंधित एक पत्र सरकार को भेज दिया है। उधर, सरकार अभी भी उम्मीद जता रही है कि गुर्जर नेता वार्ताओं के लिए जयपुर आएंगे। सारे मसले तभी सुलझा लिए जाएंगे।
गौरतलब है कि राजस्थान में गुर्जर समुदाय के लोग अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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