अचल संपत्ति परियोजनाओं की कीमतें तय करने में जुटे कारोबारी
चेन्नई, 9 जून (आईएएनएस)। अचल संपत्ति यानी रियल एस्टेट के कारोबारी 40 अरब रुपये से अधिक मूल्य की जारी विभिन्न परियोजनाओं की कीमतें फिर से तय करने में जुट गए हैं।
चेन्नई, 9 जून (आईएएनएस)। अचल संपत्ति यानी रियल एस्टेट के कारोबारी 40 अरब रुपये से अधिक मूल्य की जारी विभिन्न परियोजनाओं की कीमतें फिर से तय करने में जुट गए हैं।
वे ऐसा कदम परिवहन ईंधन के महंगे होने और बढ़ती हुई मुद्रा स्फीति के कारण परियोजनाओं की लागत बढ़ने की वजह से उठा रहे हैं।
'बिल्डर्स एसोसिएशन आफ इंडिया' के पदाधिकारी एम. के. सुंदरम ने आईएएनएस से कहा कि इस्पात की कीमतें पहले से ही आसमान छू रही थीं। परिवहन ईंधन के महंगा होने से इसे और हवा मिली है। इस वर्ष अब तक इस्पात की कीमतें लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पेट्रोल की कीमतें प्रति लीटर पांच रुपये और डीजल की कीमतें प्रति लीटर तीन रुपये बढ़ा दी हैं। इससे रेत जैसी दूसरी चीजों की कीमतें भी 40 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं।
सुंदरम का कहना है कि मुद्रा स्फीति के 8.24 प्रतिशत तक चले जाने से प्रमोटरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इससे उनके अनुबंध पर तो कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन लागत बढ़ गई है।
सुंदरम ने कहा, "बैंकों ने ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। ऐसे में लगभग दोगुनी कीमत यानी 2,500 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से कौन फ्लैट खरीदेगा, वह भी तब, जबकि वेतन में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई हो।" उन्होंने कहा कि अचल संपत्ति उद्योग पर महंगाई बढ़ने का बहुत बुरा असर हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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