असम के बर्खास्त मंत्री की जमानत अर्जी खारिज
नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। असम के एक छात्र नेता की हत्या के मामले की जांच से जुड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एक अधिकारी को घूस देते रंगे हाथों पकड़े गए राज्य सरकार के बर्खास्त मंत्री रिपुन बोरा की जमानत अर्जी को दिल्ली की एक स्थानीय आदलत ने आज खारिज कर दिया।
बोरा ने सह आरोपियों मुकुल पाठक और आर. के. माहेश्वरी के साथ विशेष न्यायाधीश एस. पी. गर्ग के सामने जमानत की अर्जी दाखिल की थी। गर्ग ने यह कहते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी कि हत्या के मामले की जांच अपनी प्रारंभिक स्थिती में है।
बोरा के वकील आई. यू. खान ने अदालत के सामने दलील दी कि पूर्व मंत्री हत्या के मामले की जांच में सीबीआई को सहयोग करेंगे। इसलिए उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली जानी चाहिए। लेकिन अदालत ने बोरा के साथ अन्य दो आरोपियों की भी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
सीबीआई के वकील ने अपनी दलील में कहा कि यदि बोरा और अन्य आरोपियों को जमानत दी जाती है तो वह जांच प्रकिया को प्रभावित कर सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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