आडवाणी प्रधानमंत्री बने तो मुझे 'मुक्ति' मिल जाएगी : अफजल गुरु

नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। संसद पर हमले में दोषी ठहराए गए अफजल गुरु का कहना है कि सत्तारुढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) उसकी मौत की सजा पर अनिश्चय की स्थिति बनाए हुए है। अफजल का मानना है कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता लालकृष्ण आडवाणी प्रधानमंत्री बनते हैं तो वे इस मुद्दे पर जल्दी निर्णय ले सकते हैं।

नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। संसद पर हमले में दोषी ठहराए गए अफजल गुरु का कहना है कि सत्तारुढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) उसकी मौत की सजा पर अनिश्चय की स्थिति बनाए हुए है। अफजल का मानना है कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता लालकृष्ण आडवाणी प्रधानमंत्री बनते हैं तो वे इस मुद्दे पर जल्दी निर्णय ले सकते हैं।

तिहाड़ जेल में बंद अफजल ने आईएएनएस के साथ एक खास बातचीत में कहा, "मैं चाहता हूं आडवाणी देश के अगले प्रधानमंत्री बनें। दरअसल, वे अकेले ऐसे व्यक्ति हैं जो इस संबंध में निर्णय लेंगे और मुझे फांसी पर लटका दिया जाएगा। दरअसल, मैं जेल में रोज जो दर्द सह रहा हूं, उससे मुझे मुक्ति मिल जाएगी।"

गौरतलब है कि दिसंबर 2001 में संसद पर हुए आंतकवादी हमले में अफजल दोषी हैं और उसे फांसी की सजा सुनाई गई है। इस हमले में छह सुरक्षाकर्मी समेत एक आम नागरिक मारा गया था।

अफजल ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि वर्तमान सरकार मेरी सजा पर जल्द ही कोई निर्णय लेगी। कांग्रेस पार्टी और सरकार के लोग दो तरह की बातें कर रहे हैं।"

गौरतलब है कि आडवाणी ने नवंबर 2006 में अफजल के फैसले पर हो रहे विलंब की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था, "अफजल की सजा में देरी क्यों हो रही है, मैं समझ नहीं पा रहा हूं। आवश्यकता इस बात की है अदालती आदेश को जल्द से जल्द लागू किया जाए।"

अफजल ने कहा कि मौत की सजा उसके लिए भ्रम की तरह है। उसने कहा कि लंबी कानूनी प्रक्रिया के कारण उसे अलग-थलग कर दिया गया है, जो अमानवीय और क्रूर है।

अफजल ने कहा, "जेल मेरे लिए नरक बन चुकी है। मैं सरकार से गुजारिश करता हूं कि मेरे मामले पर वह जल्द से जल्द फैसला लें। मैंने सरकार से यह भी गुजारिश की है कि जब तक मेरे संबंध में फैसला नहीं लिया जाता है तब तक मुझे कश्मीर की जेल में भेज दिया जाए।"

पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय कैदी सरबजीत से अपनी तुलना किए जाने पर अफजल ने कहा, "कृपया मेरी तुलना सरबजीत से नहीं करें। दोनों का मामला पूरी तरह अलग है। मेरी हमदर्दी सरबजीत के साथ है लेकिन मेरी लड़ाई कश्मीर मसले पर है।"

जेल में अफजल इन दिनों मौलाना अबुल कलाम आजाद की पुस्तक 'इंडिया वीन्स फ्रीडम' पढ़ रहा है। उसने कहा,"कश्मीर की गलियों में वहां के लोगों पर हो रहे अत्याचार बंद होने चाहिए। यदि मुझे फांसी होती है तो मैं इसे कश्मीर के लोगों के प्रति अपनी कुरबानी का नाम दूंगा।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

**

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+