चुनावों में काले धन के इस्तेमाल से चिंतित हैं राजनीतिक दल

नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। देश में विभिन्न प्रकार के चुनावों में काले धन की बढ़ती भूमिका के प्रति राजनीतिक पार्टियों ने गहरी चिंता जताई है।

नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। देश में विभिन्न प्रकार के चुनावों में काले धन की बढ़ती भूमिका के प्रति राजनीतिक पार्टियों ने गहरी चिंता जताई है।

बताया जा रहा है कि हाल ही में कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनावों में बड़े स्तर पर काले धन का इस्तेमाल हुआ। इस घटना ने कई राजनीतिक पार्टियों और बुद्धिजीवियों की नींद उड़ा दी है। अपेक्षाकृत छोटी राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं का कहना है कि चुनावों में काले धन के बढ़ते प्रभाव से धीरे धीरे ही सही लेकिन प्रभावी तरीके से वे हाशिए पर जा रहे हैं।

कर्नाटक विधानसभा के चुनाव के दौरान काले धन की बड़ी मात्रा में जब्त होना, पश्चिम बंगाल में मार्क्‍सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक नेता का भ्रष्टाचार और असम में एक भ्रष्ट कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी हालांकि एक दूसरे से संबंधित नहीं हैं, लेकिन इन घटनाओं ने देश की राजनीति में काले धन के बढ़ते प्रभाव को शिद्दत से रेखांकित किया है।

कई दलों के नेता पार्टी की विचारधारा से हटकर यह मुद्दा उठा रहे हैं लेकिन इस समस्या का कोई ठीक ठीक समाधान निकलता नजर नहीं आ रहा है।

देश की राजनीति में काले धन की भूमिका से चुनाव आयोग भी कम चिंतित नहीं है। मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी का कहना है कि विधानसभा चुनावों के दौरान कर्नाटक में 45.5 करोड़ रुपये की शराब और अन्य वस्तुएं जब्त की गई जो कि वास्तव में गहरी चिंता का विषय है।

गोपालस्वामी का कहना है कि चुनाव आयोग में अपने चार साल के कार्यकाल के दौरान चुनावों में उन्होंने कहीं भी इतने बड़े स्तर पर काले धन की भूमिका नहीं देखी।

'सेंटर फार मीडिया स्टडीज' के एन. भास्कर राव जो भारतीय चुनाव व्यवस्था पर अध्ययन कर रहे हैं, का कहना है कि कर्नाटक विधान सभा चुनावों में कम से कम 20 अरब रुपये खर्च किए गए थे जिसमें लगभग 14 अरब काला धन था।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता वयालर रवि चुनावों में काले धन की बढ़ती भूमिका को स्वीकार करते हुए कहते हैं कि राजनीति में यह नई प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि यह नक्सलवाद से भी कहीं अधिक खतरनाक है।

उधर पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव में शिक्स्त मिलने से चिंतित मार्क्‍सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता बिमान बोस सवाल करते हैं "जिनके पास साइकिल भी नहीं थी अब उनके पास घर है और वे कारों में चलते हैं। इतना पैसा कहां से आया? " उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, "आपको आईने में अपना चेहरा देखना चाहिए और महसूस करना चाहिए कि पहले आप कैसे थे और अब कैसे हो गए हैं।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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