रेलवे के दो क्लर्क बने आईएएस
नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय खुला विश्वविद्यालय (इग्नू) से स्नातक हुए भारतीय रेल के दो क्लर्को ने इस बार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की परीक्षा पास कर नई मिसाल कायम की है।
पश्चिम बंगाल में रेलवे के एक बुकिंग क्लर्क केशवेंद्र कुमार ने आईएएस की परीक्षा में 45वां रैंक प्राप्त किया है जबकि पश्चिम बंगाल में ही रेलवे के एक क्लर्क कुमार रविकांत सिंह ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 77वां रैंक प्राप्त किया है।
केशवेंद्र ने नियमित रूप से नौकरी करने के साथ ही यह परीक्षा पास की है। वेअभी इग्नू से मास्टर ऑफ आर्ट्स (एमए) हिन्दी के द्वितीय वर्ष के छात्र हैं।
कोलकाता से केशवेंद्र ने फोन पर आईएएनएस को बताया कि उसका सपना साकार हो गया है पर अभी उसका ध्यान इग्नू की परीक्षाओं को पास करना है।
केशवेंद्र ने आईएएस के अन्य प्रतिस्पर्धियों को सलाह देते हुए कहा कि इस परीक्षा को पास करने का मूलमंत्र कठिन परिश्रम और समर्पण है।
रविकांत ने आईएएनएस को फोन पर बताया कि वह अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करके काफी खुश है। उसने अपनी सफलता का राज खोलते हुए कहा कि अगर आप जीवन में सफल होना चाहते हैं, तो आपको कुछ चीजों से समझौता करना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उसने ऐसा ही किया और अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लिया।
गौरतलब है कि केशवेंद्र और रविकांत का जन्म बिहार में 1985 में हुआ था। दोनों 10वीं की परीक्षा पास करने के बाद पश्चिम बंगाल आ गए। इसी राज्य में उन्होंने बैरकपुर के भोला नंद विद्यालय से स्कूल की आगे की पढ़ाई की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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