ताजमहल के निकट यमुना को कौन मैली कर रहा है?
आगरा, 8 जून (आईएएनएस)। विश्व धरोहर की श्रेणी में आने वाले दो ऐतिहासिक स्मारकों ताजमहल और लाल किला के निकट शहर के प्रमुख सीवर का पानी गत दो सप्ताह से यमुना नदी में गिर रहा है। यह आम नागरिकों समेत पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है।
आगरा, 8 जून (आईएएनएस)। विश्व धरोहर की श्रेणी में आने वाले दो ऐतिहासिक स्मारकों ताजमहल और लाल किला के निकट शहर के प्रमुख सीवर का पानी गत दो सप्ताह से यमुना नदी में गिर रहा है। यह आम नागरिकों समेत पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है।
इस बारे में अब तक कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है कि गत 15 दिनों से धंधुपुरा सीवेज परिशोधन संयंत्र में जाने वाले गंदे पानी को यमुना नदी की तरफ क्यों मोड़ दिया गया।
पर्यावरण विशेषज्ञ रवि सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "इस सीवर का पानी सीधे धंधुपुरा सीवेज परिशोधन संयंत्र में जाता रहा है लेकिन पिछले कुछ सप्ताह से सीमेंट की बोरियों से इस लाइन को बंद कर दिया गया है। इससे गंदा पानी सीधे यमुना में जा रहा है।"
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी ए. के. तिवारी ने कहा, "हम लोगों ने एक पत्र के माध्यम से जल निगम के पास कड़ी आपत्ति दर्ज की है और तत्काल यह जानने की इच्छा जतायी है कि वे लोग स्थितियों को सुधारने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं।"
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दीपांकर शाह वर्तमान स्थिति से काफी चिंतित हैं। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "यह सचमुच एक गंभीर समस्या है। इससे जुड़े विभागों को तत्काल यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यमुना प्रदूषित न हो।"
जल निगम के मुख्य कार्यकारी अभियंता सुरेश चंद्र ने कहा, "हम लोगों को वहां उत्पन्न हो रही कठिनाई की पूरी जानकारी है। सीवर लाइन पर काम जारी रहने की वजह से कठिनाई हुई है। इसे अगले कुछ दिनों में ठीक कर लिया जाएगा।"
आगरा क्षेत्र के आयुक्त एस. आर. मीणा ने आईएएनएस से बातचीत में विश्वास दिलाया कि वह स्वयं इस समस्या पर संबंधित विभाग से बात करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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