मुख्य चुनाव आयुक्त वर्ग विशेष के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रस्त : करात
नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें एक वर्ग विशेष के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रसित बताया है।
करात ने कहा है कि हालिया दिनों में हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान पोस्टर, झंडे और अन्य प्रचार सामग्रियों के इस्तेमाल पर रोक लगाकर गोपालस्वामी ने वर्ग विशेष के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रसित होने का परिचय दिया है।
कर्नाटक चुनाव के बारे में हाल ही में एक अंग्रेजी दैनिक में छपे गोपालस्वामी के लेख का जवाब करात ने पार्टी के मुखपत्र पीपुल्स डेमोक्रेटिक के ताजा अंक में अपने एक लेख के माध्यम से दिया है।
गोपालस्वामी ने अपने लेख में प्रचार पर रोक लगाने संबंधी अपने फरमान को उचित ठहराया था।
इसके जवाब में करात ने अपने लेख में कहा है कि बड़े दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त एक वर्ग विशेष को लेकर पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं।
करात ने लिखा है कि चुनाव आयोग ने नेक इरादे से यह कदम उठाया है लेकिन नरक जाने का रास्ता भी ऐसे ही इरादों से प्रशस्त होता है।
करात ने आगे लिखा है कि गरीब कार्यकर्ताओं द्वारा कोलकाता की सड़कों पर उपहासात्मक काटूर्न बनाया जाना मुख्य चुनाव आयुक्त को पैसे की बर्बादी लगती है लेकिन वह भूल जाते हैं कि इस पर रोक लगाने से चुनाव प्रचार और भी महंगा होगा।
करात ने इस लेख में यह तर्क भी दिया है कि कार्यकर्ताओं को अपने घरों में पार्टी के झंडे न फहराने का फरमान जारी करके आयोग ने नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन किया है।
माकपा महासचिव ने चुनाव आयोग को यह कहते हुए भी आड़े हाथों लिया है कि वह चुनावों में धन के फिजूल इस्तेमाल पर रोक लगाने में असफल रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications