रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर बनाना चाहते थे ब्रिटिश गर्वनर, स्वामी का दावा
नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया है कि वर्ष 1914 में मद्रास प्रेसेडेंसी के गर्वनर लॉर्ड पेंटलेन रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर बनाना चाहते थे।
स्वामी ने गर्वनर पेंटलेन द्वारा दिसंबर 1914 में वायसराय लार्ड हार्डिग को भेजे एक पत्र के हवाले से इस संबंध में जानकारी दी है। स्वामी ने यह पत्र चेन्नई के मेयर कार्यालय के लेखागार से खोज निकाला है।
इस पत्र में गर्वनर ने वायसराय से कहा था कि रामसेतु का पुरातात्विक अध्ययन कराया जाना चाहिए। गौरतलब है कि पेंटलेन वर्ष 1912 से 1919 के बीच मद्रास प्रेसेडेंसी के गर्वनर थे। उन्होंने वायसराय को वर्ष 1914 में रामेश्वरम का दौरा करने के बाद यह पत्र लिखा था।
उन्होंने पत्र में लिखा था, "मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को रामेश्वरम और इसके प्राकृतिक सौंदर्य और खासकर ऐतिहासिक रामसेतु का सर्वेक्षण करवाएं।"
स्वामी ने इस पत्र को केंद्र सरकार को भेज दिया है। गौरतलब है कि स्वामी रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। स्वामी और अन्य लोगों ने सर्वोच्च न्यायालय में इस संबंध में अपील की थी,जिस पर न्यायालय ने आठ मई को सरकार को सलाह देते हुए कहा था कि रामसेतु मुद्दे का वैकल्पिक हल निकाला जाना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**












Click it and Unblock the Notifications