नेपाल के शाही खानदान की खिदमत में अब महज 75 सुरक्षाकर्मी
काठमांडू, 5 जून (आईएएनएस)। कभी धरती पर ईश्वर का प्रतिनिधि समझे जाने वाले नेपाल नरेश के परिवार की खिदमत में अब सिर्फ 75 सुरक्षाकर्मी होंगे, जबकि पहले उनका हुकुम बजाने के लिए 2000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी और घुड़सवारों का एक दस्ता मुस्तैद रहता था।
नेपाल के पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र को अगले सप्ताह तक नारायणहिती महल खाली कर देने का निर्देश दिया गया है। महल खाली करवाने के साथ साथ नई सरकार ने शाही खानदान का हुक्म बजाने के लिए महज 75 सुरक्षाकर्मी ही रखने की इजाजत दी है।
नेपाल की केंद्रीय सुरक्षा परिषद की गुरुवार को हुई बैठक में तय किया गया कि ज्ञानेंद्र के नागार्जुन पैलेस में रहने के लिए चले जाने के बाद उनकी हिफाजत के लिये महज 75 सुरक्षाकर्मी ही तैनात होंगे। इनमें सशस्त्र पुलिस बल के 50 और नेपाल सेना के 25 सुरक्षाकर्मी होंगे।
पूर्व नरेश के परिवार में पूर्व महारानी कोमल और पूर्व राजमाता रत्ना हैं।
नेपाल की नव-निर्वाचित संविधान सभा की पिछले महीने की बैठक में लिए गए नेपाल की 239 वर्ष पुरानी राजशाही उन्मूलन के फैसले के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने पूर्व नरेश को नारायणहिती से सहज ढंग से बाहर करने के लिए एक समिति बनाई थी। शाही खानदान के महल से चले जाने के बाद उसे संग्रहालय बनाया जाएगा।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता मोदराज दोतेल की अध्यक्षता वाली समिति ने 40 पृष्ठों की अपनी रिपोर्ट में कहा है कि निर्मल निवास पर 40 सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
समिति के मुताबिक नारायणहिती और नागार्जुन के अलावा अन्य सभी महलों में यशास्थिति बहाल रहेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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