झारखंड में 300 से ज्यादा चिकित्सक बर्खास्त (लीड-2)
रांची, 5 जून (आईएएनएस)। झारखंड सरकार ने सेवाएं नियमित किए जाने की मांग को लेकर पिछले 11 दिनों से हड़ताल पर चल रहे अनुबंध पर काम करने वाले 300 से ज्यादा चिकित्सकों को बर्खास्त कर दिया है। सरकार के इस फैसले को चिकित्सक अदालत में चुनौती दे सकते हैं।
बुधवार की रात हड़ताल खत्म करने की समय सीमा पूरी हो जाने के बाद स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही ने सभी हड़ताली चिकित्सकों को काम पर लौटने का आदेश दिया था।
शाही ने बताया कि काम पर नहीं लौटने की वजह से अनुबंध पर कार्य करने वाले 300 से ज्यादा चिकित्सकों को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि 245 चिकित्सक काम पर लौट आए हैं।
यह पूछने पर कि क्या नए चिकित्सकों को सेवा पर रखते समय बर्खास्त चिकित्सकों के बारे में विचार किया जाएगा, मंत्री ने कहा कि पहले बर्खास्त चिकित्सकों के अगले कदम पर गौर किया जाएगा। उन्हें तरजीह नहीं दी जाएगी, लेकिन इस बारे में हमने तय कुछ नहीं किया है।
झारखंड में अनुबंध पर काम करने वाले चिकित्सकों के संगठन ने कहा है कि चिकित्सक अपनी रणनीति शुक्रवार को तय करेंगे। संगठन कहा है कि निश्चित तौर पर इस बर्खास्तगी के खिलाफ झारखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की झारखंड इकाई ने भी इस बर्खास्तगी के खिलाफ न्यायालय जाने की चेतावनी दी है।
अनुबंध पर काम करने वाले ये चिकित्सक इस बार एकजुट नहीं हैं। ड्यूटी पर लौटे 245 चिकित्सकों का कहना है कि इससे पहले भी कई बार हड़ताल की गई, लेकिन हर बार संगठन अपनी मांगें पूरी कराए बगैर ही पीछे हट जाता है। नौकरी पर दोबारा लौटने वाले ये चिकित्सक राज्य के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत हैं और बोकारो के चिकित्सक तो हड़ताल पर गए ही नहीं थे।
अनुबंध पर काम करने वाले ये चिकित्सक अपनी सेवायें नियमित किए जाने की मांग को लेकर गत 26 मई से हड़ताल पर थे। वे यह भी चाहते थे कि उन्हें लिखित परीक्षाओं से भी छूट दी जाए।
राज्य सरकार के अनुसार, यहां 620 चिकित्सक अनुबंध पर काम करते हैं। हड़ताली चिकित्सकों को विपक्षी भारतीय जनता पार्टी का समर्थन प्राप्त है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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