अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री हुए विचार शून्य : जेटली
लखनऊ , 5 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव अरुण जेटली ने कहा है कि अर्थव्यवस्था के संचालन में फेल हो चुके प्रधानमंत्री डा़ मनमोहन सिंह अब एक ऐसे अर्थशास्त्री हो गए हैं जिनके पास अब विचार (आइडिया) ही नहीं बचे हैं। वह विचार शून्य हो गए हैं।
उन्होंने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के मूल्यों में हुई वृद्धि के बाद प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र के नाम दिए गए संबोधन को 'कन्डोलेन्स स्पीच' (शोक अभिभाषण) बताया।
भाजपा के शीर्ष नेता अटल बिहारी वाजपेयी के लखनऊ से चुनाव लड़ने अथवा न लड़ने के सवाल को टालते हुए उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब वह मीडिया के माध्यम से नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा कि अतीत में कटु अनुभवों के बाद भाजपा अब भविष्य में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ कोई वास्ता नहीं रखेगी।
लोकसभा चुनाव के संबंध में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद प्रदेश भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि लोकसभा चुनावों में उत्तरप्रदेश के दो प्रमुख दल समाजवादी पार्टी (सपा) और बसपा केन्द्र की सत्ता के दावेदार नहीं होंगे।
उन्होंने कहा कि केन्द्र की सत्ता के लिए सीधा मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के बीच होगा।
कांग्रेस की जमकर आलोचना करते हुए अरूण जेटली ने कहा कि सत्ताधारी दल के समक्ष तीन तरह के संकट हैं। वह अर्थव्यवस्था के संचालन में फेल हो चुकी है। आसमान छूती महंगाई इसका प्रमाण है। वोट बैंक की राजनीति के चलते उसने आतंकवाद के समक्ष घुटने टेक दिए हैं। इसके अलावा सोनिया गांधी, उनके परिवार और डा. मनमोहन सिंह की विश्वसनीयता का स्तर भी नीचे आ चुका है।
एक सवाल के जवाब में जेटली ने कहा कि जरूरत पड़ी तो पार्टी अपने उन वरिष्ठ नेताओं को भी लोकसभा चुनाव लड़ा सकती है, जो फिलहाल राज्य सभा के सदस्य हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा के नेतृत्व में राजग की सरकार बनेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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