राजनीति को स्वच्छ करना चाहता हूं: स्वामी रामदेव
हार्बर सिटी (हांगकांग), 5 जून (आईएएनएस)। पारंपरिक दवाओं और प्राचीन भारतीय योग के साथ जुड़े (योगगुरु रामदेव जी महाराज नाम से चर्चित) स्वामी रामदेव ने कहा है कि राजनीति में आने का उनका बिल्कुल भी इरादा नहीं है। वह सिर्फ देश की गंदी राजनीति को साफ कर देना चाहते हैं।
हार्बर सिटी (हांगकांग), 5 जून (आईएएनएस)। पारंपरिक दवाओं और प्राचीन भारतीय योग के साथ जुड़े (योगगुरु रामदेव जी महाराज नाम से चर्चित) स्वामी रामदेव ने कहा है कि राजनीति में आने का उनका बिल्कुल भी इरादा नहीं है। वह सिर्फ देश की गंदी राजनीति को साफ कर देना चाहते हैं।
रामदेव ने आईएएनएस से साक्षात्कार में कहा, "योग के माध्यम से मैं देश के राजनीतिज्ञों की जिंदगी स्वच्छ और निर्मल कर देना चाहता हूं। उन्हें बदलना चाहता हूं जो कुर्सी पर बैठे हैं। देश के राजनीतिक तंत्र से मैं बहुत दुखी हूं। इससे विदेशों में हमारी छवि खराब हो रही है।"
उन्होंने कहा कि देश की बागडोर पारदर्शी, नम्र, ईमानदार, दूरदर्शी और साहसी हाथों में होनी चाहिए।
पतंजलि योग पीठ और दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट की स्थापना करने वाले रामदेव इस समय पानी के जहाज से पांच दिनों की विदेश यात्रा पर हैं। वहां उन्होंने 'योगा ऑन सी(समुद्र में योग)' कार्यक्रम का आयोजन किया है।
ट्रस्ट के एक प्रवक्ता ने कहा, "देशवासियों को लग रहा था कि गुरुजी राजनीति से जुड़ने की योजना बना रहे हैं। उनके इस भ्रम को हम दूर कर देना चाहते हैं।"
रामदेव कहते हैं, "राजनीति आज एक व्यवसाय बन चुका है। मैं एक बार फिर राम राज्य की स्थापना करना चाहता हूं जो पूरे विश्व को एक ही नजर से देख सके।"
वह कहते हैं, "जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगाकर, वोट देने के अधिकार का पूरी तरह प्रयोग कर, स्वदेशी शिक्षा और पारंपरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देकर ही भारत को फिर से सर्वश्रेष्ठ बनाया जा सकता है।"
उनके अनुसार देश को हर साल एलोपैथिक दवाओं पर खरबों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं है। आयुर्वेद और योग के जरिए उसे एक स्वच्छ पर्यावरण तलाश करने की जरूरत है। सरकार को उन सभी को सम्मानित करना चाहिए जिनके एक या दो ही बच्चे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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