दिल्ली में जलभराव के कारण एमसीडी पर 25 लाख रुपए जुर्माना
नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। बारिश के दिनों में दिल्ली की सड़कों पर यातायात की स्थिति को दुखदायी करार देते हुए दिल्ली राज्य उपभोक्ता निवारण आयोग ने दो साल पहले शहर की सड़कों पर हुए जलभराव के कारण दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और भारतीय दंड संहिता में कुछ संशोधनों की भी सिफारिश की है।
आयोग ने पुलिस प्रमुख से ज्यादा भीड़भाड़ वाली सड़कों का वैज्ञानिक अध्ययन करने को भी कहा है।
न्यायमूर्ति जे.डी. कपूर ने यह फैसला राजधानी के तीन वकीलों की और से 2006 में दाखिल की गयी याचिका पर सुनाया। याचिका में कहा गया था कि बरसात के पानी की उचित निकासी न होने के कारण सड़कों पर जलभराव हो रहा है। जिससे आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली पुलिस प्रमुख को इस मसले पर गौर करने की सलाह देते हुए न्यायमूर्ति कपूर ने कहा, "शहर में यातायात की स्थिति बेहद खराब है और बरसात के दिनों में तो इसकी हालत और भी बिगड़ जाती है। सड़क हादसों में आए दिन होने वाली मौतों को देखते हुए अब वक्त आ गया है कि इस बारे में एक वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए।"
एक अनुमान के मुताबिक, शहर में 50 लाख वाहन हैं, जबकि आसपास के इलाकों के करीब 10 लाख वाहन रोज शहर से गुजरते हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस साल अब तक सड़क हादसों में 700 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि पिछले साल इन हादसों में 851 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
न्यायधीश कपूर ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में संशोधन करते हुए धारा 304-ए (गैर इरादतन हत्या) को गैर जमानती बनाने की सलाह भी दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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