विदेश मंत्री मुखर्जी चीन की चार दिवसीय यात्रा पर रवाना
नई दिल्ली , 4 जून (आईएएनएस)। विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी बुधवार को चीन की चार दिवसीय यात्रा पर रवाना हो गए।
मुखर्जी की इस यात्रा के दौरान व्यापार संबंधों को बढ़ाने और सीमा विवाद को सुलझाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
विदेशमंत्री के साथ मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना, मंत्रालय की चीन डेस्क के प्रमुख विजय केशव गोखले और विदेश मंत्री कार्यालय के निदेशक विक्रम मिश्री भी चीन गए हैं। विदेश सचिव शिवशंकर मेनन पहले ही बीजिंग में हैं और प्रणब मुखर्जी की चीनी अधिकारियों से वार्ता में वे उनके साथ शामिल रहेंगे।
चीन रवाना होने से पहले प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सीमा विवाद नहीं सुलझने के बावजूद दोनो देशों के बीच तनाव में 1995 के बाद से लगातार कमी आ रही है।
शुक्रवार को चीनी विदेशमंत्री यांग जेइचीे के साथ मुखर्जी की वार्ता के दौरान दशकों पुराना सीमा विवाद केंद्र में रहेगा। इसी वार्ता के दौरान सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधियों की अगली वार्ता की तिथि भी निश्चित की जाएगी।
गौरतलब है कि दोनों देश सीमा विवाद पर 11 दौर की वार्ता कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है।
दोनों विदेश मंत्री कई वैश्विक मुद्दों जैसे जलवायु परिवर्तन पर भी चर्चा करेंगे जो जी-8 देशों के अगले शिखर सम्मेलन के एजेंडे में सबसे ऊपर है।
मुखर्जी गुरुवार को चीन के व्यापारिक शहर गुआंगझाउ शहर में भारतीय वाणिज्य दूतावास का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। गौरतलब है कि चीन ने पांच महीने पहले कोलकाता में वाणिज्य दूतावास स्थापित किया है।
भारत और चीन का व्यापार पहले ही 38 अरब डालर से ऊपर पहुंच चुका है। आशा है कि 2010 तक यह 60 अरब डालर के पार पहुंच सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications