डीआरडीओ एलसीए इंजन के विकास के लिए बोली मंगाएगा

नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। देश में निर्मित हल्के लड़ाकू विमान तेजस में प्रयुक्त शक्तिशाली इंजन कावेरी के विकास के लिए रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ)जल्द ही निविदा मंगाएगा।

भारतीय वायु सेना के इस्तेमाल के लिए विकसित किए जा रहे हल्के लड़ाकू विमान तेजस मिग -21 की जगह लेंगे। तेजस के विकास के लिए बंगलौर में पिछले 20 वर्षो से काम चल रहा है।

रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक सदस्य ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि इस मामले में एक समिति गठित की गई है जो अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों व विशेषज्ञों से तेजस में प्रयुक्त शिक्तशाली इंजन के विकास के संदर्भ में बात कर रही है। इस संबंध में प्रस्ताव जल्द ही मंगाए जाएंगे।

डीआरडीओ की सहयोगी एयरोनाटिकल डेव्लपमेंट एजेंसी हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड के साथ मिलकर फिलहाल सुपरसोनिक काम्बैट विमान के विकास में जुटी है।

डीआरडीओ के सदस्य के मुताबिक फिलहाल सौदे को लेकर दो अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां दौड़ में शामिल है, लेकिन निविदा से संबंधित प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद ही इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। विदेशी कंपनी के लिए यह भी जरूरी होगा कि वह भारतीय कंपनी के साथ मिलकर संयुक्त रूप से इंजन का विकास करे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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