'भ्रष्ट' मंत्रियों के खिलाफ उमा भारती ने निकाला पैदल मार्च
भोपाल, 4 जून (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनशक्ति पार्टी की अध्यक्ष उमा भारती ने पैदल मार्च कर लोकायुक्त से मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सहित अन्य मंत्रियों के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की है। उमा भारती ने इस संबंध में लोकायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा है।
उमा भारती ने बुधवार को अपने समर्थकों के साथ भोपाल की लाल घाटी से लोकायुक्त के कार्यालय तक की पदयात्रा की। उन्होंने लोकायुक्त को सौंपे ज्ञापन में कहा कि पूर्व में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हुई हैं परन्तु अब तक उन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि कार्रवाई न होने से आमजनता के मन में लोकायुक्त के प्रति भी सवालिया निशान लगने लगे हैं। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री निर्भय होकर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।
लोकायुक्त को ज्ञापन सौपने से पहले उमा भारती ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मध्यप्रदेश में लोकतंत्र नहीं है। यहां तो 'भ्रष्ट तंत्र का राज' चल रहा है।
उमा ने कहा कि उन्हें मध्यप्रदेश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार को लेकर सबसे ज्यादा तकलीफ इसलिए है क्योंकि वे इस सरकार को अपना मानती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने सत्ता की कमान उनके हाथ में सौंपी थी और उन्हें दिल्ली के कुछ नेताओं ने अनैतिक तरीके से हटा दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के बीस मंत्रियों की शिकायतें लोकायुक्त में है मगर कार्रवाई किसी पर नहीं हुई है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय विश्नोई से जुड़े लोगों पर जब आयकर विभाग ने कार्रवाई की, तब विश्नोई ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया।
उमा के मुताबिक अगर डम्पर घोटाले में पहले ही कार्रवाई हो जाती, तो प्रदेश में और घोटाले नहीं होते।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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