मूडीज को भारत में कड़ी मुद्रा नीति की उम्मीद
नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने उम्मीद जताई है कि भारत में आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से यहां के सामाजिक ताने बाने में अस्थिरता आ सकती है। ऐसे में मुद्रा नीति और कड़ी की जा सकती है।
मूडीज ने उम्मीद जताई है कि बाजार में मुद्रा तरलता कम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मुद्रा नीति को कड़ा करने के लिए कदम उठा सकती है ताकि बढ़ती मुद्रा स्फीति पर लगाम लगाई जा सके।
मूडीज इकोनॉमी की रिपोर्ट में कहा गया है, "हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था फिलहाल मजबूत बनी हुई है, लेकिन बढ़ती मुद्रा स्फीति से सामाजिक ताने बाने में संभावित अस्थिरता के मद्देनजर आरबीआई मुद्रा नीति और कड़ा करने पर विचार कर सकता है।"
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय निर्यातक मजबूत होते रुपये के कारण आहत थे। यह समस्या कमोबेश अभी भी बनी हुई है। दूसरी बड़ी चुनौती यह है कि अमीर देशों से मांग में जबर्दस्त कमी आई है।
भारतीय विदेश व्यापार पर किए गए एक अध्ययन रिपोर्ट में एजेंसी ने कहा, "रुपये की मजबूती के नकारात्मक प्रभाव से संबंधित शिकायतों के बावजूद निर्यात में आई कमी वास्तविक मंदी के संकेत नहीं दर्शाती।"
एजेंसी का कहना है कि हाल के दिनों में रुपया थोड़ा कमजोर पड़ा है। इससे निर्यात में आई मंदी का दौर थम जाएगा। लेकिन बाहरी देशों से मांग में आई कमी निर्यातकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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