बिहार भाजपा की अंदरूनी कलह पर नेतृत्व नहीं ले सका कोई फैसला
नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई में पिछले लगभग दो माह से मची अंदरूनी घमासान को खत्म करने के लिए पार्टी मुख्यालय में आज हुई केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक बेनतीजा रही। उल्लेखनीय है कि बिहार भाजपा में विधायकों और वरिष्ठ नेताओं का एक धड़े ने राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है।
बोर्ड की बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पार्टी महासचिव अरुण जेटली ने कहा, "बिहार में पार्टी की मौजूदा समस्या के संबंध में बुधवार को राजनाथ सिंह राज्य के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे। उसके बाद ही वे कोई निर्णय लेंगे। वे यदि आवश्यक समझेंगे तो केंद्रीय नेताओं से भी चर्चा करेंगे।"
उन्होंने कहा कि बिहार के विधायकों ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखी थी। उनकी मांग के मद्देनजर आज संसदीय बोर्ड की बैठक हुई।
संसदीय बोर्ड की बैठक के पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के निवास पर पार्टी कोर ग्रुप की बैठक भी हुई।
उल्लेखनीय है कि बिहार भाजपा के दो दर्जन से भी अधिक असंतुष्ट विधायकों ने मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। वे पिछले लगभग दो महीनों से मोदी को हटाने की लगातार मांग कर रहे हैं। ये सभी विधायक दिल्ली में डटे हुए हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग मिलकर अपनी बात रख रहे हैं।
बिहार की ताजा समस्या को निपटाने के लिए पिछले माह भी संसदीय बोर्ड की बैठक हुई थी। उस बैठक में असंतुष्ट विधायकों को कर्नाटक विधानसभा चुनाव तक चुप रहने को कहा गया था।
कर्नाटक के परिणाम आते ही इन विधायकों ने फिर से अपनी मांग को हवा देने के साथ-साथ केंद्रीय नेतृत्व पर दबाव बनाना प्रारंभ कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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