कांग्रेस में हार के कारणों का विश्लेषण करने का साहस नहीं : भाजपा
नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक और उससे पहले गुजरात व हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में जीत से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुटकी लेते हुए कहा है कि कांग्रेस में अपनी हार के कारणों का ईमानदारी से विश्लेषण करने का राजनीतिक साहस नहीं है।
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में पारित राजनीतिक प्रस्ताव में कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को सभी मोर्चे पर विफल बताया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि केंद्र में संप्रग सरकार का शासनकाल अत्यंत विनाशकारी रहा है। महंगाई, आंतरिक सुरक्षा, किसानों की बदहाल स्थिति, आर्थिक कुप्रबंधन और आतंकवाद के मोर्चे पर केंद्र सरकार पूरी तरह विफल रही है।
हाल के दिनों में हुए कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली पराजय का जिक्र करते हुए प्रस्ताव में कहा गया है कि वास्तव में संप्रग सरकार अच्छा शासन नहीं दे पाई है, इसलिए विधानसभा चुनावों में लगातार उसकी हार हो रही है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि भाजपा के नेतृत्व वाला राष्टीय जनतांत्रिक गठबंधन वर्तमान में स्पष्ट बहुमत बनाए हुए है। संप्रग के पास नेतृत्व का संकट है जबकि भाजपा का नेतृत्व स्पष्ट है। देश की मौजूदा राजनीति स्थिति में भाजपा ही राष्ट्र के सामने वैकल्पिक नेतृत्व प्रदान कर सकता है।
राजनीतिक प्रस्ताव में वामपंथी दलों पर भी निशाना साधा गया है। वामदलों के बारे में कहा गया है कि नंदीग्राम की घटनाओं ने वामदलों की राजनीतिक दृढता और विश्वसनीयता को पलीता लगा दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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