'भोजन बने संवैधानिक अधिकार'
इस्लामाबाद, 3 जून (आईएएनएस)। खाद्यान की आसमान छूती कीमतों के मद्देनजर पाकिस्तानी कृषि संगठनों के विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन को संवैधानिक अधिकार में शामिल किया जाना चाहिए।
'एक्शन एड' नामक कृषि संगठन के विशेषज्ञ और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने सोमवार को इस संबंध में एक नीति तैयार की। कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञ इस संबंध में सरकार को एक प्रस्ताव सौंपेंगे। दरअसल, इस विषय पर विशेषज्ञों की एक हफ्ते तक बैठक चली थी।
हाल ही में एक विशेषज्ञ समिति ने पाकिस्तान के 22 जिलों का सर्वेक्षण किया था। समिति ने सुझाव दिया कि चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। समिति का कहना है कि जब तक खाद्य पदार्थो की कीमतों पर लगाम नहीं कसी जाती है तब तक चावल के निर्यात पर रोक लगा देना चाहिए।
पाकिस्तानी समाचार पत्र 'डॉन' ने इस संबंध में खबर प्रकाशित की है।
गौरतलब है कि सरकार ने पिछले वर्ष खाद्य पदार्थो पर सब्सिडी के लिए 1.8 अरब रुपये आवंटित किए थे लेकिन गरीब परिवारों तक इसका लाभ नहीं पहुंच पाया। दरअसल, पाकिस्तान में 7.1 करोड़ लोग भुखमरी के कगार पर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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