गुर्जर आंदोलन के कारण उद्योग जगत को 1.25 अरब डालर का नुकसान
नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। सरकारी एजेंसियों और उद्योग जगत द्वारा लगाए गए अनुमान के मुताबिक 23 मई को आरंभ हुए गुर्जरों के विरोध प्रदर्शन और इस दौरान रेलों के परिचालन रद्द होने के कारण अब तक देश के औद्योगिक क्षेत्र को 1.25 अरब डालर का नुकसान उठाना पड़ा है।
नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। सरकारी एजेंसियों और उद्योग जगत द्वारा लगाए गए अनुमान के मुताबिक 23 मई को आरंभ हुए गुर्जरों के विरोध प्रदर्शन और इस दौरान रेलों के परिचालन रद्द होने के कारण अब तक देश के औद्योगिक क्षेत्र को 1.25 अरब डालर का नुकसान उठाना पड़ा है।
राजस्थान में गुर्जरों ने अनुसूचित जनजाति का दर्जा पाने के लिए आंदोलन छेड़ रखा है जिसने हिंसक रूप ले लिया है। अन्य राज्यों में रहने वाले गुर्जर समुदाय के लोग भी उनके समर्थन में सामने आए हैं।
व्यापारिक संगठन एसोचैम के अध्यक्ष वी.एन. धूत ने आईएएनएस को बताया, "हमने नुकसान का जो आकलन किया है उसमें यात्रियों और विभिन्न वस्तुओं के आवागमन में होने वाली परेशानी के कारण हुए नुकसान शामिल नहीं हैं। राजस्थान और उत्तरप्रदेश के कुछ हिस्सों में पर्यटन उद्योग को भी खासा नुकसान हुआ है।"
उत्तर रेलवे के प्रवक्ता एस. नेगी ने कहा, "अकेले 29 मई को ही जब विरोध अपने चरम पर था रेलवे को रेलों के रद्द होने और देर से चलने के कारण 2.96 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा।"
अधिकारियों ने बताया कि 29 मई तक 37 हजार लोगों को टिकट वापसी के पैसे लौटाए गए थे।
उधर, राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि विरोध प्रदर्शनों के कारण रेल और सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे रेल यातायात को बख्श दें।
सड़क यातायात को हुए नुकसान के बारे में राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम के निदेशक दुर्गा जोशी ने बताया, "60 रूटों पर हमारा यातायात प्रभावित हुआ। हमें अब तक बीस करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इस दौरान बसों को पंहुचे नुकसान का आकलन अभी किया जाना है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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