'तेल पर अब और सब्सिडी नहीं' (लीड-1)
नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। तेल की कीमतों में अब जबकि वृद्धि तय दिख रही है प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को इस मुद्दे पर योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया के साथ एक और दौर की बातचीत की।
इस बैठक में मुख्य रूप से इस मुद्दे पर चर्चा हुई कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेल की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर भारत अब तेल पर सब्सिडी जारी नहीं रख सकता।
प्रधानमंत्री की आज की बैठक सोनिया गांधी के साथ हुई बैठक के ठीक एक दिन बाद हुई है।
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ हुई प्रधानमंत्री की इस बैठक में तेल की कीमतों में वृद्धि को हरी झंडी प्रदान किया गया था।
प्रधानमंत्री और अहलूवालिया के बीच हुई बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए योजना आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों के बीच बातचीत सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की मांग के मुद्दे पर हुई।
अधिकारी के अनुसार आधिकारिक तौर पर बैठक का विषय जलवायु परिवर्तन था।
इससे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने व्यापारिक संगठन एसोचैम की सालाना बैठक को संबोधित करते हुए 'अधिक तर्कसंगत आर्थिक नीतियों' को अपनाने के लिए व्यापक राजनीतिक सहमति की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतें बढ़ाने के सिवा कोई दूसरा चारा नहीं है।
सिंह ने कहा कि "हम सब्सिडी खर्च को और बढ़ाने की अनुमति नहीं दे सकते और न ही हम उपभोक्ताओं को दुनिया में तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से पूरी तरह बचा ही सकते हैं।"
गौरतलब है कि इंडियन आयल कार्पोरेशन और भारत पेट्रोलियम जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने आशंका व्यक्त की है कि इस वित्त वर्ष के अंत तक उन्हें 200 अरब रुपये का घाटा हो सकता है।
वामपंथी दलों द्वारा कीमतों में वृद्धि के प्रयासों का लगातार विरोध करने पर प्रधानमंत्री ने कहा है कि हमें इन मुद्दों पर व्यापक राजनीतिक सहमति बनानी पड़ेगी।
सिंह ने आगे कहा, "हम एक सीमा तक समाज के गरीब तबके की रक्षा कर सकते हैं और वह हमने किया भी है। सरकार ने पिछले चार सालों में केरोसीन की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। हमने केवल घरेलू गैस और डीजल की कीमतों में मामूली वृद्धि की है यहां तक की पेट्रोल की कीमतें भी हमने अन्य देशों की तुलना में काफी कम रखी हैं।"
प्रधानमंत्री का यह बयान उस समय आया है जब देश में महंगाई की दर 8.1 फीसदी पर पहुंच चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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