असुरक्षित होता है खाली बिस्तर पर बच्चों का अकेला सोना
वाशिंगटन, 2 जून (आईएएनएस)। आमतौर पर सभी बच्चे अपना खुद का अलग बिस्तर चाहते हैं लेकिन एक नए अध्ययन में पाया गया है कि छह वर्ष की कम आयु वाले बच्चों के लिए बिस्तर पर अकेले सोना नुकसानदेह हो सकता है।
नेशनवाइड चिल्ड्रंस हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया कि छह वर्ष से कम आयु वाले बच्चे अक्सर खाली बिस्तर से सिर के बल गिरे हुए पाए जाते हैं । ऐसा गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव के कारण होता है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि बड़े बच्चों की तुलना में तीन साल से कम उम्र के बच्चों के गिरने और सिर पर चोट लगने की संभावना 40 फीसदी अधिक रहती है।
इससे उन्हें सिर, गर्दन और चेहरे पर चोट अधिक लगती है और कई बार मस्तिष्क में गंभीर चोट, हड्डी के टूटने और चोटिल होने की संभावना बढ़ जाती है।
शोधकर्ता गेरी ने कहा, "हमने अध्ययन में देखा कि छोटे बच्चों को खाली बिस्तर पर अकेले सुलाने से उनके शरीर के संवेदनशील हिस्से चोटिल हो जाते है।"
शोधकर्ताओं ने 16 साल चले लंबे अध्ययन में पाया कि अमेरिका में खाली बिस्तर पर सोने से करीब 572,580 बच्चे चोटिल हुए हैं।
इस अध्ययन के निष्कर्ष जर्नल 'पेडियाट्रिक्स' में प्रकाशित हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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