म्यांमार ने कहा, 'मदद दो लेकिन राजनीति मत करो'
सिंगापुर, 1 जून (आईएएनएस)। म्यांमार के उपरक्षामंत्री ऐय माइंट ने रविवार को कहा कि किसी भी देश से सहायता का उनका देश स्वागत करता है, लेकिन मदद के दौरान किसी तरह की राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
सिंगापुर में म्यांमार की मदद के लिए चल रही बैठक के दौरान माइंट ने कहा, "हवाई जहाजों, हेलीकाप्टरों, समुद्री जहाजों और मार्ग यातायात से मदद लगातार जरूरतमंदों तक पहुंचाई जा रही है।"
माइंट के अनुसार, "पुनर्वास और पुनर्निर्माण में मदद देने वालों को हम अपनी प्राथमिकता और जरूरत के अनुसार चुनेंगे।"
उल्लेखनीय है कि कई देश गत तीन सप्ताह से मदद म्यांमार पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
माइंट ने बताया कि तूफान पीड़ित क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के प्रतिनिधियों को भेजे जाने की तैयारियां चल रही हैं।
उन्होंने भविष्य में नरगिस तूफान जैसी किसी अन्य आपदा से जान-माल के नुकसान को बचाने के लिए विशेषज्ञों से भी मदद की अपील की।
माइंट के अनुसार 3 मई के नरगिस तूफान में 77 हजार 738 लोग मारे गए हैं जबकि 55 हजार 917 लापता हैं और 19 हजार 359 घायल हुए हैं। इसके अतिरिक्त 10.6 अरब डॉलर की संपत्ति का भी नुकसान हुआ है।
इस समय म्यांमार में राहतकार्यो का दूसरा दौर चल रहा है जिसमें पुनर्वास, पुनर्निर्माण कार्य प्रमुख हैं। पहले दौर में आपात खोज एवं बचाव अभियान चलाए गए थे। तीसरे चरण में व्यावसायिक और उत्पादन इकाइयों के पुनर्गठन पर काम होगा।
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अब तक आहत 24 लाख लोगों में आधे से भी कम को मदद मिली है। अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति के अध्यक्ष डॉ. जैकब कैलेनबर्गर ने कहा, "जब जनसंख्या की जरूरत राष्ट्र की आपूर्ति क्षमता से अधिक हो तो अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मदद ली जानी चाहिए।"
फ्रांसीसी रक्षा मंत्री हर्व मोरिन ने कहा, "राहत सामग्री से भरे हमारे जहाज आठ दिन तक किनारे पर खड़े रहे और अंतत: उन्हें थाईलैंड ले जाना पड़ा। अब गैर-सरकारी संगठन मदद कर रहे हैं।"
उल्लेखनीय है कि दक्षिण-पूर्वी एशियाई संघ (आसियान) का एक दल म्यांमार पीड़ितों की जरूरतों का अंदाजा लगाने के लिए वहां जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications