भारत में बुलेट रेल पर फैसले में देर न करे सरकार.. बत्रा
नई दिल्ली 16 अक्टूबर.वार्ता. रेलवे बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं दु्रतगामी रेल के बारे में पेरिस स्थित अंतर्राष्ट्रीय रेल संघ .आईयूसी. द्वारा गठित समूह के अध्यक्ष जय प्रकाश बत्रा ने आज कहा कि भारत में उच्चगति की रेल प्रणाली प्रस्ताव व्यावहारिक है और इस पर सरकार को अविलंब निर्णय करना चाहिए
अभी कुछ माह पहले ही रेलवे सेवा के सवोच्च पद से सेवानिवृत्त हुये श्री बत्रा ने आज यहां रेल प्रौद्योगिकी पर एक अंतर्राष्ट्रीय प्रर्दशनी के उद्घाटन के बाद यूनीवार्ता से कहा .. हमने उच्चगति की रेल प्रणाली के बारे में सरकार को एक प्रारंभिक अध्ययन रिपोर्ट दी है जिसमें बताया गया है कि देश में इस तरह की रेल शुरू करना संभव है1 उल्लेखनीय है कि बुलेट ट्रेन जैसी प्रणाली पर भारी निवेश की आवश्यकता के मद्देनजर सरकार इस बारे मेंनिर्णय करने में हिचक रही है1 श्री बत्रा ने देश में 10..15 वर्ष बाद की परिवहन की आवश्यकताओं और हवाई तथा सडक यातायात की सीमाओं को देखते हुए भारत में मध्यम दूरी के मागो पर दु्रतगति के रेल के विकास को जरूरी बताया1 इंग्लैंड की कंपनी मैक ब्रुक्स एक्जीविशन द्वारा देश में पहली बार आयोजित की गयी इस रेल प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी .. एक्सपोरेल इंडिया 2007 का उद्घाटन रेल राज्य मंत्री आर वेलू ने किया1 प्रगति मैदान में यह प्रदर्शनी तीन दिन चलेगी1 इससे पहले उन्होंने प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में कहा कि भारत में द्रुत रेल प्रणाली के लिए ..निजी और सरकारी भागीदारी के माडल तैयार किए जा रहे हैं ताकि इसके विकास का सारा बो सरकार पर अकेले न पडे
उन्होंने कहा कि सरकार इस प्रस्ताव पर आज निर्णय करे तो इसके निर्माण में कम से कम कम दस वर्ष का समय लग सकता है1इसके लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराने में कम से कम डेढ दो वर्ष का समय चाहिए1 उसके बाद निर्माण कार्य में कम से कम सात आठ वर्ष लग जाएंगे
श्री बत्रा ने कहा कि भारतीय रेल अन्य क्षेत्रों में तेजी से सुधार कर रही है पर दु्रत रेल के क्षेत्र में हम अभी तक दर किनार ही होते आ रहे है1 उन्होंने इस क्षेत्र में बडी पहल की जरूरत बताते हुए मैकेंजी ग्लोबल इंस्टिच्यूट की एक रिपोर्ट का हवाला दिया जिसके अनुसार भारत में उच्च आय वाली मध्यवर्गीय आबादी 2025 तक पांच करोड से बढ कर 58 करोड तक हो जाएगी और उसकी आय आज से तीन गुना हो चुकी होगी 1उनकी राय में इस वर्ग की परिवहन संबंधी चुनौतियों के लिए तीन चार सौ किलोमीटर प्रति घंटे गति वाली रेल प्रणाली की जरूरत पडेगी
उन्होंने रेल और सडक परिवहन की सीमाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में विमान क्षेत्र में सालाना 35 प्रतितशत वृद्धि हो रही है तथा सडकों पर 20 लाख नए वाहन जुड रहे हैं1 इस रफ्तार से बढती परिवहन की मांग से पार पाना विमानन या सडक परिवहन क्षेत्र के वश में नहीं है1 उन्होंने द्रुत रेल को भविष्य की चुनौती का जबाव बताया और कहा कि मध्यम दूरी की यात्रा के लिए इसका विकास करना ही चाहिए1 मनोहर/मधूलिका.सत्या.राणा 1812वार्ता












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