संघवाद पर चर्चा केरेंगे सोनिया, पीएम और श्वार्जेनेगर
नयी दिल्ली 14 अक्तूबरः.भारत में संघीय प्रणाली के गुण दोषों को लेकर चलने वाली निरंतर बहस तथा केन्द्र तथा राज्यों के बीच लगातार चलने वाली टकराहट के बावजूद समरसता के बीच राजधानी में आगामी पांच से सात नवम्बर के बीच संघीयवाद पर एक अहम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन हो रहा है, जिसमें विदेशों की दिग्गज हस्तियों के साथ ही सोनिया गांधी तथा प्रधानमंत्री के साथ कांग्रेस तथा गैर कांग्रेसी राज्य सरकारों के मुख्यमंत्री एक मंच से इन संवेदनशील विषय पर चर्चा करेंगे.
विभिन्नता में एकता तथा एक दूसरे से सीख लेने के केन्द्र बिन्दु वाले इस सम्मेलन में खास तौर पर इस बात पर चर्चा की जायेगी कि संघीय प्रणाली को विकसित करने के साथ-साथ किस तरह से विभिन्नता में एकता बनाई रखी जाये तथा किस तरह से एक-दूसरे से सीख ली जायें ताकि समूची प्रणाली मजबूत हो सके.
सूत्रों के अनुसार भारत जैसा देश जहां मजबूत संघीय प्रणाली के साथ-साथ मजबूत राज्य सरकारें भी है1 निश्चय ही यह सम्मेलन न केवल देश में बल्कि अंतर्राष्ट्रीय जगत को भी भारत की शासन प्रणाली के बारे में एक सकारात्मक संकेत देगा.
सम्मेलन में अमरीका की कद्दावर विदेश मंत्री कोंडालीजा राइस, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर अमरीका के पूर्व उप राष्ट्रपति तथा इस वर्ष के नोबल शांति पुरस्कार के संयुक्त विजेता अल गोर और स्विटजरलैंड के राष्ट्रपति सहित अनेक दिग्गज नेता हिस्सा लेंगे. विभिन्नता में एकता तथा एक दूसरे से सीख लेने के शीर्षक वाली इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का भारत पहली बार आयोजन कर रहा है.
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के अलावा अमरीका की पूर्व विदेश मंत्री मेंउलीन अल्ब्राईट, हालीवुड के पूर्व अभिनेता तथा अमरीकी राज्य केलिफोर्निया के गवर्नर आनोल्ड श्वेजेनेगर भी शामिल होंगे. संगोष्ठी का विषय इस बार सुशासन के लिये संघीय प्रणाली का विकास तथा इस प्रणाली को अपनाने वाले देशों के बीच अधिक विचार-विमर्श करना शामिल है. इससे पूर्व इस विषय पर अन्य दो संगोष्ठियां 1999 में कनाडा में, 2002 में स्विटजरलैंड में तथा 2005 में बेल्जियम में हुयी थी.












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