राष्ट्रीय. भाप इंजन दुर्घटना तीन नयी दिल्ली..
दुर्घटना तीन नयी दिल्ली.. श्री यादव के रेल मंत्री बनते ही रेलवे इतिहास की इस खूबसूरत धरोहर पर विशेष ध्यान दिया जाने लगा और रेलवे बोर्ड में एक अलग धरोहर निदेशालय बना दिया गया1 रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इसके गठन के बावजूद एक पखवाडे के अंदर दो दो हेरीटेज भाप इंजन दुर्घटनाग्रस्त हो गए1 इसके कारणों का खुलासा तो जांच आयोग की रिपोर्ट आने पर होगा लेकिन कुछ अधिकारी..कर्मचारी बताते हैं कि इंजनों के बेहद खराब रखरखाव और अधिकारियों के इस पर उचित ध्यान नहीं देने के कारण ऐसी दुर्घटना हुई
भारत में शुरूआत में सारी गाडियां भाप इंजन से ही चलती थीं1 इसलिए हर जोनल रेलवे में इसके रखरखाव के लिए दस बारह लोको शेड बने थे1 बाद में डीजल और बिजली इंजनों का प्रभुत्व बढने के बाद 1990 के दशक में भाप इंजनों का परिचालन बंद कर दिया गया1 सन 1995 में अंतिम भाप इंजन चला था1 उसके बाद देश भर के स्टीम लोको शेड बंद कर दिये गए और भाप इंजनों को कौडी के भाव बेच दिया गया1 संयोग से चालीस पचास भाप इंजन बच गए थे1 उन्हीं में से कुछ इंजनों को ठोंक पीट कर चलाया जा रहा है
रेलवे में भाप इंजनों का रखरखाव करने के लिए देश में अभी मात्र एक ही लोको शेड रेवाडी .हरियाणा. में है1 जानकार बताते हैं कि यह शेड बदहाली की हालत में है1 वहां भाप इंजन के पर्याप्त कल पुर्जे भी नहीं हैं1 वहां तैनात कर्मचारियों को बडी असुरक्षा के माहौल में काम करना पड रहा है1 रेलवे की मुख्यधारा से अलग कर दिये गये इन कर्मचारियों को प्रबंधन का सौतेला व्यवहार ेलना पड रहा है1 कर्मचारियों को शिकायत है कि उनकी प्रोन्नति एवं अन्य मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है1 ऐसी हालत में भाप इंजन का रखरखाव प्रभावित होना स्वभाविक ही है
शिशिर सचिन रीता अजय जगबीर1454जारी वार्ता












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