Women's Day: 21 में टांग गंवाई, 25 में एवरेस्ट फिर अंटार्कटिका फतह कर Arunima Sinha ने बनाया वर्ल्ड रिकार्ड
Womens Day 2025 Mountaineer Arunima Sinha: सब कुछ खोने के बाद भी अगर आपने हौसला है तो समझ लीजिए कि आने कुछ नहीं खोया है बस अब अपने लक्ष्य के लिए प्रति फना हो जाने की जरूरत है" पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा का ये ही मानना है। दर्दनाक हादसे में पैर खोने वाली अरूणिमा सिन्हा वो महिला हैं जिन्होंने अपनी कमजोरी को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाई और वर्ल्ड रिकार्ड बनाकर दुनिया भर में भारत को गौरान्वित किया।
International Women's Day 2025 (विश्व महिला दिवस 2025) के मौके पर आइए जानते हैं अंटार्कटिका के सबसे ऊंचे शिखर माउंट विन्सन पर तिरंगा फहरा कर इतिहास रचने वाली पहली दिव्यांग महिला पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा की प्रेरणादायी सस्सेज स्टोरी।

बदमाशों ने ट्रेन से फेंका गवांया पैर
अरुणिमा सिन्हा का जन्म 1980 में उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में हुआ है। अरुणिमा नेशनल बॉलीबॉली टीम की प्लेयर थीं 12 अप्रैल 2011 को वो दिल्ली में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के के लिए जा रही थीं। लखनऊ से अरुणिमा पद्मावती एक्सप्रेस में सवार हुई, उनके गले की चेन को कुछ बदमाशों ने खींचने की कोशिश की।
अरूणिमा ने जब विरोध किया तो वो हाथापाई करने लगे, उस कूपे में कई यात्री बैठे थे लेकिन किसी ने अरुणिमा की मदद नहीं की। जब अरूणिमा की चेन छीनने नाकाम हो गए जब बदमाशों ने अरूणिमा को चलती ट्रेन से धनेती स्टेशन के पास बाहर फेंक दिया था। इस हादसे में अरूणिमा की जान तो बच गई लेकिन उनका एक पैर कट गया।
अरूणिमा पैर गंवाने के बाद भी नहीं मानी हार और...
इस हादसे में अपने पैर गंवाने के बाद अरुणिमा ने हार नहीं मानी और अपनी कमजोरी को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाकर उन्होंने नई मंजिल की तलाश की। पैर खराब होने पर उन्होंने कृतिम पैरों के सहारे पर्वतारोही बनने की ठानी तब लोगों ने उनका मजाक बनाया लेकिन अरूणिमा ने अपने लक्ष्य पर ध्यान दिया।
अरूणिमा माउंट एवरेस्ट की सबसे ऊंची चोटी पर लहराया तिरंगा
21 मई 2013 को अपने जज्बे के बलबूते माउंट एवरेस्ट की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहरा कर इतिहास रचा। अरूणिमा के सपने को साकार करने में माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचने वाली पहली महिला बजेंद्री पाल ने की। अरुणिमा एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचने वाली पहली दिव्यांग महिला हैं।
अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहरा कर बनाया विश्व- रिकार्ड
अरूणिमा सिन्हा के पैर यहीं नहीं थमे, उन्होंने अपने कृतिम पैरों के साथ वो कारनामा कर दिखाया जिसके बारे में बड़े-बड़े सामान्य पर्वतारोही सोच तक नहीं सकते। जून 2019 को अंटार्कटिका के पहाडों पर 40 से 50 डिग्री माइनस डिग्री तापमान, बर्फीले तूफान, ऑक्सीजन के सहारे जिंदगी, भयावह स्थिति को कई साथी झेल नहीं पाए और दम तोड़ दिया लेकिन फाइटर अरूणिमा के हौसले को कुछ भी डिगा नहीं पाया और अरूणिमा ने अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विमन्स पर पहुंच कर तिरंगा लहरा कर विश्व रिकार्ड बना दिया। अरुणिमा सिन्हा,अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचने वाली पहली दिव्यांग महिला हैं।












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