Success Story: मिलिए इस खूबसूरत इंजीनियर से जो 23 साल में बनीं IAS, देशसेवा को मानती हैं असली धर्म
Simi Karan IAS Success Story: अक्सर लोग अपने बच्चों को कहते हैं ना कि सफल होना है तो आपको अर्जुन बनना ही पड़ेगा यानी कि जिस तरह से अर्जुन ने तीर चलाते वक्त मछली की आंख देखी थी ठीक उसी तरह से आपको भी अपने लक्ष्य पर फोकस रखना होगा, जो लोग ऐसा करते हैं वो ही जीवन में सफल होते है।
ये बात पूरी तरह से फिट होती है IAS सिमी करन पर इसलिए सक्सेस स्टोरी की कड़ी में हम आज बात करेंगे सिमी की जर्नी के बारे में जो कि काफी प्रेरणादायक है।

आपको बता दें कि सिमी ने मात्र 23 साल की उम्र में UPSC एग्जाम क्रेक किया था और खास बात ये है कि 23 साल में ही उन्होंने स्नातक किया था और इसी साल ही उन्होंने पहले प्रयास में यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम पास करके सफलता की नई दास्तां लिखी, आपको बता दें कि सिमी ने ऑल इंडिया 31वीं रैंक हासिल की थी।
आईआईटी बॉम्बे से सिमी ने किया बीटेक
मालूम हो कि बचपन से ही सिमी ने तय कर रखा था कि उन्हें बड़े होकर क्या करना है, वो बचपन से ही काफी मेघावी थीं, 12वीं पास करते ही उनका सेलेक्शन आईआईटी में हो गया और उन्होंने आईआईटी बॉम्बे में दाखिला ले लिया। इसी की पढ़ाई करते हुए इन्हें कुछ स्लम एरिया में बच्चों को पढ़ाने का मौका मिला।
बीटेक करते हुए आया देश की सेवा करने का ख्याल
इन्होंने बच्चों की गरीबी, दुख, अभाव और लाचारी को देखा और यहीं से उनके मन में विचार आया कि वो देश के लिए कुछ करें और तब ही इन्होंने फैसला किया कि अब वो अधिकारी बनकर देश के लिए कुछ करेंगी और इसलिए उन्होंने UPSC का एग्जाम देने का फैसला किया और बीटेक की पढ़ाई के साथ-साथ ही UPSC की तैयारी में जुट गईं।
यूपीएससी के सिलेबस को छोटे-छोटे पार्ट में बांंटा
आईआईटी की पढ़ाई अपने आप में ही काफी कठिन होती हैं ऊपर से सिमी ने यूपीएससी के लिए पढ़ना शुरू किया यानी कि डबल मेहनत के साथ वो अपने लक्ष्य में जुट गईं। उन्होंने यूपीएससी के सिलेबस को छोटे-छोटे पार्ट में डिवाइड किया था इससे उनकी बीटेक की पढ़ाई प्रभावित नहीं हुई और वो दोनों ही एग्जाम में सफल हुईं।
सिमी करन ने लिखी सफलता की नई कहानी
सिमी करन साल 2019 बैच की हैं, उन्होंने अपनी आईएएस की ट्रेनिंग के दौरान लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी में भी सफलता के झंडे गाड़े और इसी वजह से उन्हें Best Performing Officer Trainee LV Reddy Memorial Award से नवाजा गया था।
सिमी देश सेवा को ही असली धर्म मानती हैं
वो लोगों को यही संदेश देती हैं कि लक्ष्य अगर पता है और उसके लिए प्रयास ईमानदारी भरा है तो हर हालत में आपको मंजिल मिलकर ही रहेगी। वो देश सेवा को ही असली धर्म मानती हैं और वो अपना धर्म बखूबी निभा भी रही हैं, वो इस वक्त नॉर्थ ईस्ट कैडर में ऑफिसर के रूप में तैनात हैं।












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