Raj Khare: राजस्थान का वो अफसर, जो BDO की सरकारी नौकरी छोड़ USA जाकर बन गया नामी डॉक्टर
Dr Raj Khare Success Story: गोरखपुर यूपी के रहने वाले राज खरे का Rajasthan के चित्तौड़गढ़ जिले के भूपालसागर के BDO से अमेरिका में Doctor बनने तक की पूरी कहानी प्रेरित करने वाली है।
BDO Raj Khare Motivational Story: यूपी के गोरखपुर में जन्मे। राजस्थान के बीकानेर में पढ़े। चित्तौड़गढ़ में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बने और फिर नौकरी छोड़ अमेरिका चले गए। नामी डॉक्टर बनकर वहीं बस गए। नाम है डॉक्टर राज खरे।
89 साल के हो चुके डॉ. राज खरे ने 29 अगस्त 2023 को सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर कर साल 1964 में चित्तौड़गढ़ जिले की भूपालसागर पंचायत समिति में बीडीओ बनने व नौकरी से इस्तीफा देने के बाद अमेरिका पहुंचने के अतीत को याद किया।

सोशल मीडिया पर पुरानी यादें ताजा करने के बाद यूएसए से वनइंडिया हिंदी टीम से विशेष बातचीत में डॉक्टर राज खरे ने भारत से अमेरिका तक के पूरे शानदार सफर को कुछ यूं बयां किया। पढ़ें उन्हीं की जुबानी।
मैं उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बैंक अकाउंटेंट दुर्गा दयाल के घर 26 अक्टूबर 1934 को जन्मा। बचपन यहीं पर बीता। महात्मा गांधी इंटर कॉलेज गोरखपुर से पढ़ाई की। फिर साल 1960 में वेटनरी की पढ़ाई करने गोरखपुर से राजस्थान के बीकानेर चला आया। राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर (RAJUVAS) में चार साल पढ़ाई की।

बीकानेर से वेटेनरी करने के बाद साल 1964 में राजस्थान में ही सिविल सर्विस में चयन हो गया। चितौड़गढ़ जिले के भूपालसागर में बतौर बीडीओ पहली पोस्टिंग मिली। यहां करीब नौ माह सेवाएं दीं। इसी दौरान अमेरिका से उच्च अध्ययन के लिए 250 डॉलर की फॉलोशिप मिल गई।
फॉलोशिप मिलते ही बीडीओ भूपालसागर के पद से इस्तीफा देकर साल 1966 में अमेरिका पहुंच गया। यहां से पशुचिकित्सा में एमएस किया तो लाइसेंस मिल गया और मिशिगन में प्रैक्टिस शुरू कर दी। फिर खुद का अस्पताल भी खोला।

फिर अमेरिका से ही किसी भारतीय लड़की से शादी करने के लिए भाई गिरजा दयाल खरे के जरिए भारत के अखबारों में विज्ञापन दिलवाया। शादी के प्रस्ताव के कुल 149 पत्र मिले। उन्हीं में से एक पत्र उत्तर प्रदेश के रामपुर की उषा का था। 19 जनवरी 1975 को राज खरे व उषा ने गोरखपुर में शादी कर ली।

शादी के बाद पत्नी उषा भी साथ में अमेरिका आ गई। यहां पर बेटा नील, बेटी गार्गी व रुली का जन्म हुआ। बेटा व बेटी गार्गी डॉक्टर हैं। जबकि बेटी रुली रस्तोगी ने वकालत का पेशा चुना। पूरा परिवार में अमेरिका में बस गया और अब भारत के प्रवासी नागरिक (OCI) कहलाते हैं।












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