IAS Divya Mittal : भारत की बिटिया ने देश प्रेम में छोड़ा लंदन, पति से मिली प्रेरणा, UPSC पास कर बनी जिलाधिकारी

भारतीय प्रशासनिक सेवा की युवा अधिकारी दिव्या मित्तल देशप्रेम की ऐसी मिसाल हैं, जिनसे आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा मिलती रहेगी।

IAS Divya Mittal

IAS Divya Mittal : 25 साल पहले परदेस फिल्म में जब आनंद बख्शी का लिखा 'आई लव माइ इंडिया' गाना देखा-सुना तो देशप्रेम की भावनाओं से आंखें छलक उठीं। इसी में एक और पंक्ति है- 'लंदन देखा, पेरिस देखा और देखा जापान, सारे जग में कहीं नहीं है दूसरा हिंदुस्तान।' इस पंक्ति को चरितार्थ किया है भारत की बेटी दिव्या मित्तल ने। दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा UPSC में कामयाबी के बाद देश सेवा के लिए इन्होंने लंदन छोड़कर भारत लौटने का फैसला लिया है। जानिए कमाल की मोटिवेशनल स्टोरी जिसमें देशप्रेम के साथ-साथ सर्विस के प्रति समर्पण की भी प्रेरणा भी मिलती है। (सभी फोटो साभार इंस्टाग्राम @divyamittal_ias)

भारत की सेवा के लिए लंदन छोड़ा

भारत की सेवा के लिए लंदन छोड़ा

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में जिलाधिकारी (डीएम) के रूप में सेवाएं दे रहीं IAS दिव्या मित्तल ने भारत की सेवा के लिए लंदन छोड़ दिया। दिव्या की कामयाबी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इन्होंने दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में एक UPSC क्रैक करने के लिए कभी कोई कोचिंग का सहारा नहीं लिया। दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी हैं।

देश सेवा के लिए लाखों रुपये की सैलरी छोड़ी

देश सेवा के लिए लाखों रुपये की सैलरी छोड़ी

दिव्या की सक्सेस स्टोरी शुरू होती है 2013 से। करीब 10 साल पहले यूपीएससी परीक्षा पास करने वाली दिव्या वर्तमान में मिर्जापुर के जिला मजिस्ट्रेट के रूप में सेवाएं दे रही हैं। इससे पहले वह संत कबीर नगर की जिलाधिकारी के रूप में भी सेवाएं दे चुकी हैं। आईएएस दिव्या मित्तल भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल होने से पहले लंदन में लाखों रुपये की तन्ख्वाह वाली आकर्षक नौकरी कर रही थीं। हालांकि, उन्होंने नौकरी छोड़कर भारत वापस आने और खुद को देश सेवा में समर्पित करने का फैसला लिया।

ट्रेनिंग के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन का अवॉर्ड

ट्रेनिंग के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन का अवॉर्ड

आईएएस दिव्या मित्तल की सक्सेस स्टोरी पर डीएनएइंडिया की रिपोर्ट के अनुसार वे कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं। इन पदों में बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष, यूपीएसआईडीए की संयुक्त मैनेजिंग डायरेक्टर, गोंडा की सीडीओ, मवाना, मेरठ और सिधौली (सीतापुर) की एसडीएम की पोस्ट शामिल हैं। प्रतिभाशाली आईएएस अधिकारी दिव्या की योग्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासनिक सेवा की शुरुआत से पहले मसूरी में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अशोक बंबावाले पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

सुरक्षित करियर को छोड़ने का फैसला

सुरक्षित करियर को छोड़ने का फैसला

बात शैक्षणिक योग्यता की करें तो दिव्या मित्तल शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं। इसका प्रमाण है IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई। इसके बाद IIM बैंगलोर से MBA की डिग्री। दोनों संस्थान दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में गिने जाते हैं। सिविल सेवा से पहले दिव्या लंदन में एक विदेशी डेरिवेटिव्स व्यापारी के रूप में काम कर रही थीं। उन्हें आईएएस ऑफिसर बनने की प्रेरणा अपने पति गगनदीप सिंह से मिली। मोटिवेशन मिलना सफलता की पहली सीढ़ी भले ही हो, लेकिन अच्छी सैलरी वाले सुरक्षित करियर को छोड़ने का फैसला कभी आसान नहीं होता। दिलचस्प है कि खुद भी इंजीनियरिंग के छात्र रह चुके गगनदीप एक IAS अधिकारी हैं, जो फिलहाल कानपुर में तैनात हैं। उनकी तरह दिव्या ने भी सपनों का पीछा करने और लंदन की नौकरी छोड़ने जैसा रिस्क लेने का फैसला लिया।

तीन साल में IAS बन गए पति-पत्नी

तीन साल में IAS बन गए पति-पत्नी

IAS दिव्या ने एक बार कहा था कि भले ही लंदन में उनके और उनके पति को मोटी सैलरी मिल रही थी, लेकिन उन्होंने भारत को याद करना बंद नहीं किया। गगनदीप और दिव्या दावा करते हैं कि दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC को क्रैक करने के लिए कभी कोई कोचिंग नहीं ली। गगनदीप ने 2011 में क्वालिफाई किया।

Divya UPSC के लिए प्रेरित करती हैं

Divya UPSC के लिए प्रेरित करती हैं

दिव्या 2013 में IAS बनीं और दोनों यूपी कैडर में हैं। खास बात है कि दिव्या मित्तल आईएएस अधिकारी के साथ-साथ मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में भी लोकप्रिय हैं। छात्रों को यूपीएससी के लिए प्रेरित करने वाली दिव्या अक्सर उन्हें टिप्स देती हैं। उन्होंने एक बार छात्रों से कहा था कि वे कुछ समय के लिए किसी एक बिंदु या टारगेट पर ध्यान केंद्रित कर फोकस का अभ्यास कर सकते हैं।

बच्चे कैसे फोकस करें ? IAS दिव्या से जानिए

बच्चे कैसे फोकस करें ? IAS दिव्या से जानिए

दिव्या ने YouTube पर बिनाउरल बीट्स (Binaural beats) सुनने का सुझाव भी दिया। दिव्या बताती हैं कि जब आप मोबाइल और इंटरनेट का अत्यधिक उपयोग कर रहे हों, तो इस आदत से निजात पाने का एक प्रभावी तरीका 'ब्लैकआउट' ऐप का इस्तेमाल करना है। फोकस बढ़ाने के लिए दिव्या ने BlackOut : Stay Focused की मदद से कम से कम 6 घंटे के लिए इंटरनेट को ब्लॉक करने और उस समय में अध्ययन करने का सुझाव देती हैं। उन्होंने कहा, भले ही यह मुफ्त ऐप नहीं है, लेकिन छात्रों का फोकस बढ़े इसके लिए बहुत प्रभावी है। फोन को एक बार ब्लैक आउट करने के बाद आप उस अवधि में फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकते। बता दें कि मित्तल ट्विटर और इंस्टाग्राम पर मोटिवेशनल कोट्स भी पोस्ट करती हैं जो अक्सर वायरल होते हैं।

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