Motivational Story: पिता सेक्युरिटी गार्ड, सीमित संसाधन में बेटी ने दुनिया की सबसे ऊंची छोटी को किया फतह
Nishu Singh News: बिहार की बेटियां बेटों से कम नहीं हैं, विभिन्न क्षेत्रों में हुनर का परचम लहराते हुए जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर रही है। अपनी मेहनत और लगन से जमुई जिले के मलयपुर की रहने वाली बेटी निशु सिंह रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड दर्ज कर रही हैं।
हर पर्वतारोही का यह ख्वाब होता कि वह ज़िंदगी में एक बार विश्व की सबसे ऊंची चोटी को फतह करे। सीमित संसाधन, मिडिल क्लास परिवार से होने के बावजूद निशू सिंह ने हर चुनौतियों का सामना किया और आज की तारीख में उन्होंने विश्व की सबसे ऊंची माउंट एवरेस्ट की चोटी को फतह कर लिया।

निशु सिंह के पिता विपिन कुमार सिंह CRPF से रिटायर्ड हैं, मौजूदा समय में वह बतौर सिक्युरिटी गार्ड बैंक में काम कर रहे हैं। मां मुनी देवी घरेलू महिला हैं, वहीं उनके अलावा परिवार में छोटे भाई रवि और विशाल सिंह हैं। इन लोगों ने हमेशा ही निशु की हौसला अफ़ज़ाई की है।
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निशु सिंह ने 26 हज़ार 200 फीट की ऊंची चोटी (विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट) पर तिरंगा लहराया है। इसके साथ वह जमुई की पहली पर्वतारोही बन गई हैं, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट की चोटी फतह की है। निशु ने अपनी चढ़ाई के तजुर्बे का भी जिक्र किया।
निशु ने बताया कि चढ़ाई के दौरान अचानक मौसम बिगड़ने लगा। बर्फीली तूफान और बर्फबारी की वजह से सफर में काफी मुश्किलें आईं, लेकिन सफर नहीं थमा। करीब 9 घंटे की लगातर चढ़ाई के बाद चौथे कैंप पहुंचे। मौसम ठीक नहीं होने की वजह से वहां से भी अहले सुबह 3 बजे निकलना पड़ा।
मौसम का मिजाज बदला हुआ था, लेकिन निशु को भ ज़िद थी एवरेस्ट फलतह करने की। ख़राब मौसम में भी निशु ने सफर जारी रका 26 हज़ार 200 फीट की चढ़ाई कर एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराया। अप्रैल में ही निशु सफ़र की शुरुआत की थी।
2 अप्रैल को वह बिलासपुर से काठमांडू का रुख किया था, जहां उन्होंने एवरेस्ट के बेस कैंप और एवरेस्ट क्लाइंब की ट्रेनिंग ली। 2 महीने की ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने ट्रैकिंग, पिनेकल एक्टिविटी, लैडर क्लाइंबिंग और हाइट गेन इत्यादि की ट्रेनिंग के साथ ही ऑक्सीजन मास्क पहनने की भी ट्रेनिंग ली। माउंट एवरेस्ट के सफर शुरूआत नीशू ने 21 मई को की थी। जिसमें वह कामयाब होकर लौटी हैं।












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