Success Story: कौन हैं नेत्रहीन IAS अंकुरजीत सिंह? जिनको जालंधर में मिली बड़ी जिम्मेदारी, लोग कर रहे तारीफ
Who is Ankurjeet Singh Blind IAS officer: मिलिए अंकुरजीत सिंह से। ये भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। इन दिनों पंजाब के जालंधर नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर बने हैं। अंकुरजीत सिंह को दोनों आंखों से दिखाई नहीं देता है। इनके संघर्ष व सक्सेस की पूरी कहानी जालंधर में हर किसी की जुबान पर है।
पंजाब के इकलौते नेत्रहीन आईएएस अधिकारी अंकुरजीत सिंह मूलरूप से हरियाणा के यमुनानगर के रहने वाले हैं। हाल ही पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने बड़ी संख्या में अफसरों को इधर-उधर किया था। अंकुरजीत सिंह को जालंधर नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर की जिम्मेदारी मिली।

जानकारी के अनुसार अंकुरजीत सिंह को बचपन में तो दिखाई देता था, मगर धीरे-धीरे इनकी आंखों की रोशनी अपने आप जाने लगी थी। कुछ दिन बाद इन्हें दिखाई देना पूरी तरह से बंद हो गया था। शारीरिक दिक्कतों के बावजूद अंकुरजीत सिंह ने हार नहीं मानी और मेहनज जारी रखी। नतीजा हम सबके सामने है। आज हर कोई आईएएस अंकुरजीत सिंह के हौसलों को सलाम करता नजर आता है।
अंकुरजीत सिंह गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई पूरी की। मां बेटे अकुंर को किताबें सुनाकर पढ़ाया करती थी। परीक्षा की तैयारी करवाती थी। अंकुरजीत जब 12वीं के बाद आईआईटी फॉर्म भरा और उनका एडमिशन आईआईटी रुड़की में हो गया था। वहां से अंकुर ने बीटेक की।
आईआईटी के दौरान अंकुरजीत ने देखा कि उनके कई दोस्त संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में अंकुरजीत ने भी अफसर बनने की ठानी और साल 2017 में UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में 414 रैंक हासिल की।
मीडिया से बातचीत में अंकरजीत सिंह कहते हैं कि दिव्यांग होना कमजोरी नहीं बल्कि ताकत है। इंसान को अपनी कमजोरियों से सीखकर अधिक ताकतवर बनना चाहिए। नेत्र नहीं होने के बावजूद परिवार के सहयोग से सारी मुश्किलें अपने आप दूर की हैं।












Click it and Unblock the Notifications