Sawan 2024: सावन में भूलकर भी ना करें ये सब खाने की गलती, जान लें क्या है वजह
Foods to avoid in Sawan: सावन का हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा महत्व है। इस पर्व में कई लोग उपवास रखते हैं तो कई लोग खाने-पीने की कई सारी चीजों से परहेज करने लगते हैं। सावन का धार्मिक तौर पर भी काफी महत्व है मगर क्या आप जानते हैं कि खाने-पीने की कुछ चीजों का सावन में उपयोग करना आपके लिए काफी खतरनाक हो सकता है।
सावन के महीने में लहसुन-अदरक, मांस-मदिरा छोड़कर एकदम सात्विक खाने-पीने की सलाह दी जाती है। इसे वैसे तो धर्म-कर्म से जोड़कर देखा जाता है। मगर इसका वैज्ञानिक तौर पर भी काफी महत्व है।

क्यों दूध-दही से करें परहेज?
सावन में खाने-पीने की चीजों का परहेज और महत्व एक तरह से सेहत के लिए काफी अच्छा है। अब चाहे कोई इसे धर्म से जोड़कर देखे या फिर विज्ञान से। सावन का समय ऐसा होता है कि इस वक्त दूध, दही और साग से बिल्कुल परहेज करना चाहिए। साथ ही गरिष्ठ खाने और मांस से भी दूरी बनानी चाहिए, इसके पीछे वैज्ञानिक कारण क्या हैं, चलिये आपको बताते हैं।
सात्विक भोजन खाने की दी जाती है सलाह
सावन के दौरान सात्विक खाने की इसलिए सलाह दी जाती है क्योंकि सात्विक भोजन काफी हल्का होता है। सात्विक खाना आसानी से पचने वाला होता है ऐसे में ये आपकी सेहत के लिए सावन के समय काफी अच्छा रहता है। वैसे तो कढ़ी और साग जैसी चीजें काफी अच्छी होती हैं मगर कई बार इन्हें बनाने का तरीका आपकी सेहत खराब कर सकता है।
क्या है धार्मिक महत्व?
अगर बात करें दूध, दही से तौबा करने की सलाह की तो इसके पीछे धार्मिक कारण तो ये है कि आमतौर पर भगवान शिव को इन्हीं सब चीजों का अभिषेक किया जाता है। मगर ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव को अर्पित होने वाली किसी भी चीज को आहार के तौर पर लेना बिल्कुल भी सही नहीं है।
क्यों ना खाएं ये चीजें?
वहीं इसके पीछे के वैज्ञानिक कारण की बात करें तो बरसात के मौसम में खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया हो जाते हैं। दही की बात करें तो दही बनता ही बैक्टीरिया से है। ऐसे में इस मौसम में दही में कीटाणु होने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं बात करें हरी सब्जियों की तो बरसात के मौसम में इनमे कीड़े भी निकल जाते हैं। ऐसे में ये सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।












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