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दिल्ली: 10 दिन में तैयार हुई दुनिया की सबसे बड़ी Covid-19 केयर फैसिलिटी के बारे में सबकुछ जानिए

नई दिल्ली- दिल्ली में बनाई गई दुनिया की सबसे विशाल कोविड-19 फैसिलिटी में रविवार से मरीजों के एडमिशन का काम शुरू कर दिया गया है। इस सेंटर को विशेष तौर पर उन मरीजों को आइसोलेशन में रखने के लिए तैयार किया गया है, जो एसिम्पटोमेटिक हैं या जिनमें बीमारी के बहुत ही हल्के लक्षण मौजूद हैं। इस केंद्र में मरीजों की भर्ती जिले के निरानी अधिकारियों के जरिए होगी और इसका संचालन भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के हाथों में होगा, जिसमें दिल्ली सरकार के प्रशासन की भी सहायक भूमिका में होगी। 10 हजार बेड वाले और 20 फुटबॉल मैदानों से भी विशाल इस केंद्र को सिर्फ 10 दिन में तैयार कर लेना अपने आप में बहुत ही बड़ी उपलब्धि है। फिलहाल इस केंद्र को 2 हजार बेड के साथ शुरू किया जा रहा है और जल्द ही यह अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करने लगेगा।

10 दिन में तैयार हुई दुनिया की सबसे बड़ी कोविड फैसिलिटी

10 दिन में तैयार हुई दुनिया की सबसे बड़ी कोविड फैसिलिटी

5 जुलाई, 2020 दिन रविवार से भारत ही नहीं दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 केयर फैसिलिटी में मरीजों के दाखिले की प्रक्रिया शुरू हुई। दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर इलाके में स्थित राधा स्वामी सतसंग ब्यास के विशाल कैंपस में नोवल कोरोना वायरस के मरीजों के लिए एकसाथ 10,000 बेड तैयार किए जा रहे हैं। इस कोविड केयर सेंटर का नाम सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर और अस्पताल रखा गया है, जिसका इस्तेमाल कोरोना मरीजों के लिए आइसोलेशन सेंटर और बिना लक्षण या हल्क लक्षण वाले मरीजों के इलाज के लिए किया जाएगा। इस कोविड केयर सेंटर की सबसे बड़ी उपलब्धि ये है कि इसे केंद्रीय गृहमंत्रालय के सक्रिय सहयोग से सिर्फ 10 दिनों में तैयार किया है। सरकार की ओर से जारी बयान में इसे बनाने के मकसद के बारे में कहा गया है- 'यह फैसिलिटी मरीजों को तनाव-मुक्त और उपयुक्त आइसोलेशन की सुविधा देने के लिए तैयार की गई है।'

कई अस्पतालों के साथ तालमेल

कई अस्पतालों के साथ तालमेल

विश्व के सबसे विशाल कोविड फैसिलिटी सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर को दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल और मदन मोहन मालवीय अस्पताल के साथ जोड़ा गया है; और यह दिल्ली के ही लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल और राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (कोविड अस्पताल) के तीसरे रेफरल केयर अस्पताल के रूप में भी काम करेगा। यहां पर दिल्ली भर के कोरोना मरीजों को संबंधित जिला निगरानी अधिकारियों के माध्यम से भर्ती करवाया जाएगा।

20 फुटबॉल मैदानों जितना विशाल आकार

20 फुटबॉल मैदानों जितना विशाल आकार

इस विशालकाय कोविड केयर सेंटर से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य इस प्रकार हैं-

  • यह सेंटर 1,700 फीट लंबा, 700 फीट चौड़ा है। मोटे तौर यह फुटबॉल के 20 मैदानों के आकार जितना बड़ा है। इस फैसिलिटी को 200 भागों में बांटा गया है और प्रत्येक में 50 बेड के इंतजाम होंगे।
  • इस सेंटर को कुल 18,000 टन की एसी सिस्टम से ठंडा रखने का इंतजाम किया गया है। इसकी फ्लोर मिट्टी की है, जिसपर कार्पेट बिछा हुआ है। लेकिन, सफाई में परेशानी न हो इसके लिए ऊपर से विनाइल की शीट बिछा दी गई है।
  • मरीज के रिश्तेदारों को इस केंद्र के अंदर आने की इजाजत नहीं है।
  • इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस इस सेंटर को चलाने के लिए नोडल एंजेसी के तौर पर काम करेगी और दिल्ली सरकार इसकी प्रशासनिक व्यवस्था में सहायता करेगी। धार्मिक संस्था राधा स्वामी ब्यास के वॉलेंटियर भी इस केंद्र को चलाने में सहायता देंगे।
  • शुरू में इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस इस केंद्र को 2,000 बिस्तरों के साथ शुरू कर रही है। इस कार्य में शुरुआती दौर में 170 डॉक्टरों और विशेषज्ञों के अलावा 700 से ज्यादा नर्सिंग और पारामेडिकल स्टाफ मदद करेंगे।
10 फीसदी बेड पर ऑक्सीजन की सुविधान मौजूद

10 फीसदी बेड पर ऑक्सीजन की सुविधान मौजूद

  • इस केंद्र में 10 फीसदी बिस्तरों पर ऑक्सीजन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, ताकि अगर किसी मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने लगे तो उसे तत्काल ऑक्सीन की सहायता मुहाया कराई जा सके।
  • इस सेंटर को तीन भागों में बांटा गया है। सबसे बड़े हिस्से में मरीजों को रखा जा रहा है, दूसरे हिस्से में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ रहेंगे और तीसरा हिस्सा कमांड सेक्शन के रूप में काम करेगा।
  • यहां कुल मिलाकर 116 सेक्शन होंगे और हर सेक्शन में मरीजों के लिए 88 बेड उपलब्ध होंगे।
  • हर मरीज को एक बेड, एक स्टूल, एक कुर्सी, प्लास्टिक की एक अलमारी, एक डस्टबीन और बर्तनों के अलावा टॉयलेटरी किट उपलब्ध करवाई जाएगी।
  • प्रत्येक बेड के पास हर मरीज के लिए निजी फोन और लैपटॉप चार्जिंग की सुविधा मौजूद रहेगी। मरीजों को लैपटॉप लाने की इजाजत मिलेगी, लेकिन वीडियो या ऑडियो के इस्तेमाल के वक्त उन्हें हेडफोन का इस्तेमाल करना होगा।
  • मरीजों के लिए मनोरंजन केंद्र के अलावा लाइब्रेरी, बोर्ड गेम्स और रस्सी कूद की भी व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।
  • मरीजों के बेड तक वॉलेंटियर ट्रॉली के जरिए भोजन लेकर पहुंचेंगे।
एडमिशन और डिस्चार्ज के लिए ई-हॉस्पिटल ऐप का इस्तेमाल

एडमिशन और डिस्चार्ज के लिए ई-हॉस्पिटल ऐप का इस्तेमाल

  • इस सेंटर में कुल 600 शौचालयों का इंतजाम किया गया है, जिनमें से 70 पोर्टेबल टॉयलेट्स भी शामिल हैं, जिनमें से तीन खास तरह के टॉयलेट दिव्यांगों के लिए होंगे, जिनका इंतजाम बाहर रहेगा।
  • सरकार ने इस केंद्र में अंडरग्राउंड हॉज के लिए हाइड्रेंट्स लगवाएं हैं, जिसकी क्षमता 1.7 लाख लीटर की है, जिससे कि यहां पानी की बिना रुके सप्लाई हो सके।
  • यहां मरीजें के एडमिशन और डिस्चार्ज के लिए अधिकारी ई-हॉस्पिटल ऐप का इस्तेमाल करेंगे, जिसे नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने तैयारी किया है। इस केंद्र में एक टीम 400 कंप्यूटरों को ऑपरेट करेगी।
  • इस केंद्र में लैंडलाइन फोन और इंटरनेट की सुविधा मुहैया करवाने की जिम्मेदारी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के पास है।

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    गलवान के शहीदों पर होंगे वार्ड के नाम

    गलवान के शहीदों पर होंगे वार्ड के नाम

    इस कोविड केयर फैसिलिटी की एक सबसे खास बात ये है कि डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन ने इस फैसिलिटी के विभिन्न वार्ड को सेना के उन अमर शहीदों के नाम पर रखने का फैसला किया है, जो पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून, 2020 की रात चाइनीज पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी के जवानों के साथ लड़ते-लड़ते वीरगति को प्राप्त हो गए थे।

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