जानिए कब से मनाया जा रहा है अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस, इन संदेशों के जरिए लड़कियों को कराएं स्पेशल फील
जानिए कब से मनाया जा रहा है अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस, इन संदेशों के जरिए लड़कियों को कराएं स्पेशल फील
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर: दुनियाभर में आज 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक समुदाय में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए इस दिन को मनाने का ऐलान किया गया था। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं की भागीदारी और बराबरी को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके अधिकारों को लेकर समाज में जागरूकता लाना है। इस दिन महिलाओं के प्रति हो रहे लिंग आधारित चुनौतियों के प्रति भी जागरूक किया जाता है। 21वीं सदी में दुनियाभर में हर दिन कई महिलाओं को बाल विवाह, भेदभाव और हिंसा जैसी चीजों का सामना करना पड़ता है।
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अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का इतिहास
1995 में चीन में महिलाओं पर विश्व सम्मेलन में लड़कियों के अधिकारों को मान्यता देने के लिए पहली बार एक खाका तैयार किया गया था। बीजिंग डिक्लेरेशन एंड प्लेटफॉर्म फॉर एक्शन के मंच पर सभी उपस्थित देशों ने इसे सर्वसम्मति से अपनाया था। बाद में 18 दिसंबर 2011 को, संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) ने 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में घोषित किया। यानी 2012 से दुनियाभर में 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस-2021 का थीम
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस-2021 की थीम हर साल संयुक्त राष्ट्र द्वारा तय किया जाता है। इस साल संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम रखी है- ''विभिन्न कौशल और नौकरियों में मौजूद लैंगिक डिजिटल विभाजन को खत्म करना।''
संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 2021 के थीम के महत्व के बारे में बयान जारी कर कहा है, "कनेक्टिविटी, उपकरणों और उपयोग, कौशल और नौकरियों में लैंगिक डिजिटल विभाजन वास्तविक है। यह दिखाता है कि भौगोलिक और पीढ़ियों में एक असमानता और बहिष्करण का अंतर कितना बड़ा है। जिसे निपटना हमारी चुनौती है यदि डिजिटल क्रांति सभी के लिए है तो सभी के साथ और सच में सभी के लिए ही होना चाहिए।"
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर महिलाओं को इन संदेशों के जरिए दे बधाई
- वह एक महिला है, वह एक मां है, वह एक बेटी है, वह एक पत्नी है, वह एक बहन है, इसलिए महिलाओं का सम्मान करें।'
-बेटी तो है जग की जननी, हमें रक्षा अब इसकी करनी, कन्या संतान बचानी है, भ्रूण हत्या मिटानी है।
- बेटी कुदरत का है उपहार, इसको जीने का दो अधिकार।
-जिस घर में होता बेटी का सम्मान, वह घर होता स्वर्ग समान।
-राष्ट्र को प्रगति के रास्ते हो ले जाना,नारी को बराबरी का दर्जा होगा देना।
-लक्ष्मी का वरदान है बेटी, धरती पर भगवन है बेटी।
-मत करो बेटी का तिरस्कार,बेटी है कुदरत का उपहार।
-अपनी सोच में करो सुधार,बिन बेटी न चले संसार।












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