Fact Check: शादी से इनकार करने पर तालिबान ने युवती को बेरहमी से पीटा, जानें वायरल फोटो का सच
नई दिल्ली, अगस्त 19: अफगानिस्तान पर अब पूरी तरह से तालिबान का कब्ज़ा हो गया है। इसी बीच ऐसी खबरें सामने आ रही है कि, तालिबान कम उम्र की लड़कियों को साथ जबरन शादियां कर रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर इस तरह की कई फोटो वायरल हो रही है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि, तालिबान कम उम्र की लड़कियों से जबरन शादी कर रहे हैं अगर वे इसका विरोध कर रही हैं तो उनके साथ क्रूरता की जा रही है। अब एक ऐसी ही और फोटो सामने आई है।

अल जजीरा के हवाले से एक ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है
अल जजीरा के हवाले से एक ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें कहा गया है कि, अपने प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में तालिबान लड़ाके कभी-कभी 12 साल की उम्र लड़कियों से जबरन शादी कर रहे हैं। तालिबान ने नाबालिग लड़कियों को उनके घर से अगवा करना शुरू कर दिया। माता-पिता जो तालिबान को अपनी बेटियों को देने से इनकार कर रहे हैं, तालिबान लड़ाकों द्वारा मारे जा रहे हैं। इस फोटो में एक लड़की को कुछ लोग मारते दिख रहे हैं। जिन्हे तालिबानी बताया जा रहा है।

ट्वीट में इस्तेमाल की गई तस्वीर 2016 की है
कथित स्क्रीनशॉट के साथ कैप्शन में लिखा है, हिंदू अभी भी मुफ्त बिजली के लिए वोट करेंगे। हम वही लोग हैं जिन्होंने अंग्रेजों और मुगलों के साथ अपनों को धोखा दिया। जब इस कथित दावे की पड़ताल की तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। वायरल स्क्रीनशॉट को मॉर्फ किया गया है। अल जज़ीरा के किसी भी ट्विटर हैंडल से ऐसा कोई ट्वीट पोस्ट नहीं किया गया था। ट्वीट में इस्तेमाल की गई तस्वीर 2016 की है और इसमें कुछ अफगान कलाकारों द्वारा किया गया एक स्टेज एक्ट दिखाया गया है।
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गलत है अल जजीरा ट्विटर का नाम
हालाँकि, यह सच है कि हाल ही में तालिबान द्वारा युवा अफगान लड़कियों के अपहरण और जबरन शादी करने की कई घटनाएं सामने आई हैं। लेकिन वायरल हो रही तस्वीर का मौजूदा हालातों से कोई लेना देना नहीं है। ट्वीट की प्रामाणिकता के बारे में संदेह पैदा करने वाला पहला प्रमुख सुराग उस हैंडल का नाम था जहां Al Jazeera को Al Jajeera के रूप में गलत तरीके से लिखा गया है। दरअसल असली अल जजीरा चैनल के ट्विटर हैंडल के नाम @AJENews और @AJEnglish है।

2015 की घटना को दर्शाया गया था
वायरल ट्वीट में इस्तेमाल की गई तस्वीर को रिवर्स-सर्च करने पर हमें यह लॉस एंजिल्स टाइम्स द्वारा प्रकाशित 2016 की एक रिपोर्ट में मिली। तस्वीर को कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था। अफगान कलाकारों ने 27 वर्षीय फरखुंडा मलिकजादा की भीड़ द्वारा की गई हत्या के दृश्य को फिर से क्रिएट किया है। एक अफगान महिला, जिसे 19 मार्च, 2015 को काबुल में कुरान की एक प्रति जलाने का झूठा आरोप लगाने के बाद पीट-पीटकर मार डाला गया था।

Fact Check
दावा
तालिबान कम उम्र की लड़कियों से जबरन शादी कर रहे हैं अगर वे इसका विरोध कर रही हैं तो उनके साथ क्रूरता की जा रही है।
नतीजा
अल जज़ीरा के किसी भी ट्विटर हैंडल से ऐसा कोई ट्वीट पोस्ट नहीं किया गया था। ट्वीट में इस्तेमाल की गई तस्वीर 2016 की है और इसमें कुछ अफगान कलाकारों द्वारा किया गया एक स्टेज एक्ट दिखाया गया है।












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