Fact Check: सरकार ने दालों की स्टॉक लिमिट हटा दी है? जानें व्हाट्सऐप मैसेज का सच
नई दिल्ली, जुलाई 15: दालों की जमाखोरी और मूल्यवृद्धि को रोकने के लिए सरकार ने अक्टूबर 2021 तक दालों पर स्टॉक की सीमा लगाई है। सरकार के इस फैसले को लेकर व्हाट्सऐप पर कई तरह के मैसेज वायरल हो रहे हैं। इस वायरल मैसेज पर अब सरकार की ओर से सफाई आई है। केंद्र सरकार की तरफ से इस बात को स्पष्ट कर दिया गया है कि उसने दो जुलाई से लगाई गई स्टॉक की सीमा को वापस नहीं लिया गया है।

सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि दालों पर दो जुलाई से लगाई गई स्टॉक की सीमा को वापस नहीं लिया गया है। सरकार ने यह कदम दालों की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए उठाया था। एक आधिकारिक बयान में बुधवार को कहा गया है कि व्हॉट्सएप पर इस तरह का संदेश भेजा जा रहा है कि दालों पर स्टॉक की सीमा हटा दी गई है। इस बारे में हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि दो जुलाई से लगाई की स्टॉक की सीमा हटाई नहीं गई है बल्कि इसे लागू किया गया है।
बयान में कहा गया है कि इस तरह की अटकलों से बचा जाना चाहिए। सरकार ने कहा कि वह राज्य सरकारों द्वारा इस आदेश के क्रियान्वयन की निगरानी कर रही है। सरकार ने कहा कि वह राज्य सरकारों द्वारा इस आदेश के क्रियान्वयन की निगरानी कर रही है। दाल जैसी जरूरी वस्तुओं की ब्लैक मार्केटिंग और कीमतों पर लगाम लगाने के लिए भारत सरकार ने इसके स्टोरेज की सीमा तय कर दी है। दो जुलाई से ही यह नियम लागू हो गए हैं। इस नए आदेश में मूंग को छोड़कर सभी दालों के लिए 31 अक्टूबर 2021 तक स्टॉक सीमा निर्धारित की गई है।
सरकार राज्यों द्वारा इन आदेशों के कार्यान्वयन की बारीकी से निगरानी कर रही है। राज्यों को स्टॉक सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। सरकार ने खुदरा कारोबारियों के लिए 5 टन स्टॉक की लिमिट तय की है। थोक कारोबारियों और आयातकों के लिए 200 टन की लीमिट तय की गई है। इसमें किसी एक वैरायटी का स्टॉक 100 टन से ज्यादा नहीं होना चाहिए। दाल मिल भी अपनी कुल सालाना क्षमता का 25 फीसदी से ज्यादा का स्टॉक नही रख पाएंगी।

Fact Check
दावा
सरकार ने दालों की स्टॉक लिमिट हटा दी है
नतीजा
सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि दालों पर दो जुलाई से लगाई गई स्टॉक की सीमा को वापस नहीं लिया गया है।












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