Fact Check: क्या भारत के डबल म्यूटेंट से बढ़ी हुई है दुनिया की चिंता? जानिए सच्चाई
नई दिल्ली, अप्रैल 20: भारत में कोरोना ने अपना घातक रूप ले लिया है। पूरे देश से रोजाना लाखों की संख्या में नए केस दर्ज हो रहे हैं। जहां देश मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में है। वहीं इसमें सबसे बड़ा चिंता का विषय डबल म्यूटेंट वैरिएंट का तेजी से फैलना है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोनी की दूसरी लहर एक मिनट के संपर्क में आने पर कोरोना पॉजिटिव कर दे रहा है। ऐसे में यह कितना घातक है इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इन सब एक बीच एक अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट ने दावा किया है कि इंडियन डबल म्यूटेंट वैरिएंट से पूरी दुनिया को चिंतित कर रखा है।

इस खबर के पब्लिश होने के बाद पीआईबी फैक्ट चेक ने न्यूज की हेडलाइन को 'भ्रामक' करार दिया है। पीआईबी फैक्ट चेक ने सोमवार को खबर को लेकर ट्वीट किया, जिसमें बताया कि गया कि कोरोना का डबल म्यूटेंट वैरिएंट सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के और कई देशों में भी मिला है। इसलिए इंग्लिश वेबसाइट की ओर से पब्लिश की गई खबर की हेडलाइन लोगों को गुमराह यानी भ्रामक करने वाली है।
इसके अलावा पीबीआई फैक्ट ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि कोविड-19 वायरस अपना रूप बदल रहा है और भारत के साथ ही कई देशों में कई म्यूटेशंस पाए जा चुके हैं, इनमें यूके (17 म्यूटेशंस), ब्राजील (17 म्यूटेशंस) और दक्षिण अफ्रीका (12 म्यूटेशंस) वैरिएंट्स शामिल हैं। इन वैरिएंट्स की फैलने की क्षमता काफी ज्यादा है। यूके वैरिएंट ज्यादातर यूके, पूरे यूरोप में पाया गया और एशिया व अमेरिका तक में फैल गया है। डबल म्यूटेशन (2 म्यूटेशंस) एक अन्य वैरिएंट है और यह ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, जर्मनी, आयरलैंड, नामीबिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, यूनाइटेड किंगडम, यूएसए जैसे कई देशों में पाया गया है। इस वैरिएंट के ज्यादा फैलने की क्षमता अभी तक स्थापित नहीं हुई है।

Fact Check
दावा
एक अंग्रेजी वेबसाइट ने दावा किया है कि भारत के डबल म्यूटेंट ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
नतीजा
भारत के अलावा डबल म्यूटेंट दुनिया के कई अन्य देशों में भी पाया गया है।












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